राष्ट्रीय

लाल किला ब्लास्ट: हरियाणा से मौलवी गिरफ्तार

दिल्ली में हाई अलर्ट — 8 मृतकों की पहचान हुई

लाल किला ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा हुआ है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के मेवात से मौलवी इश्तियाक को हिरासत में लिया है। जांच में पाया गया कि वह “व्हाइट कॉलर” आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, जो फरीदाबाद की एक यूनिवर्सिटी से संचालित हो रहा था। पुलिस ने उसके किराए के घर से 2500 किलो से ज्यादा विस्फोटक सामग्री जैसे अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम क्लोरेट और सल्फर बरामद किए हैं। मौलवी इश्तियाक को अब श्रीनगर लाया गया है। यह इस मामले में नौवीं गिरफ्तारी है।

10 नवंबर को हुए इस धमाके में 12 लोगों की मौत और कई के घायल होने की पुष्टि हुई थी। जांच में सामने आया कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवात-उल-हिंद का नेटवर्क इसमें शामिल था। धमाके में इस्तेमाल की गई विस्फोटक कार मौलवी के किराए के मकान में तैयार की गई थी। इसे डॉ. उमर नबी चला रहा था, जो धमाके के वक्त मौके पर मौजूद था।

अब तक 8 शवों की पहचान हो चुकी है, जिनमें अमर कटारिया (35), अशोक कुमार (34), मोहसिन मलिक (35), दिनेश कुमार मिश्रा (35), लोकेश कुमार अग्रवाल (52), पंकज सैनी (23), मोहम्मद नौमान (19) और मोहम्मद जुम्मन (35) शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश मौतें ब्लास्ट की तीव्रता और दीवारों से टकराने के कारण हुई गंभीर चोटों से हुईं।

ब्लास्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखा है। प्रमुख स्थानों—गाजीपुर, सिंघु, टिकरी और बदरपुर बॉर्डर—पर गाड़ियों की सघन जांच हो रही है। मेट्रो स्टेशन, रेलवे टर्मिनल, मॉल और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। वरिष्ठ अधिकारी खुद निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।

सरकार ने भी तत्काल एक्शन मोड अपनाया है। आज शाम कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक बुलाई गई है, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यह बैठक 7 लोक कल्याण मार्ग पर साढ़े 5 बजे होगी। इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है।

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