उत्तर प्रदेश

सोनभद्र खदान हादसा:एक की तलाश जारी

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में 15 नवंबर को पत्थर की खदान धंसने के बाद शुरू हुआ बचाव अभियान सोमवार को तीसरे दिन भी जारी है। इस भयावह हादसे में अब तक पांच श्रमिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि एक अन्य मजदूर की तलाश जारी है। खदान के ढहने के बाद मलबे के नीचे करीब 15 मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था।

जिला मजिस्ट्रेट चंद्र विजय सिंह ने बताया कि अब तक पांच शव बाहर निकाले जा चुके हैं और एक शव की तलाश लगातार जारी है। उन्होंने कहा, “अभी तक हमने 5 शव बरामद किए हैं… एक और शव मिलने की संभावना है, उसकी तलाश जारी है। दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जो खदान के मालिक हैं। यदि जांच में कोई अन्य व्यक्ति भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।”

हादसा उस समय हुआ जब खदान का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे भारी मात्रा में पत्थर और मिट्टी मजदूरों के ऊपर गिर गई। घटना के तुरंत बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। दोनों बलों की टीमें भारी मशीनरी के साथ मलबा हटाने में जुटी हैं, ताकि गहराई में दबे मजदूरों तक जल्दी पहुंचा जा सके।

संभागीय आयुक्त राजेश प्रकाश ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थल पर मौजूद हैं और स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार काम कर रही हैं। एनडीआरएफ के डीआईजी और कमांडेंट भी यहां मौजूद हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि बचाव अभियान जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। फिलहाल कोई सटीक आंकड़ा देना संभव नहीं है।”

हादसे ने मजदूरों के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अंदर फंसे दो मजदूरों के पिता सोमनाथ ने टूटे हुए मन से कहा कि वह समझ नहीं पा रहे कि क्या करें। उन्होंने कहा, “मेरे तीन बेटे इस खदान में काम करते थे। दो बेटे अंदर फंसे हुए हैं। सबसे छोटे बेटे को दोनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। मेरा दिमाग काम नहीं कर रहा है कि मैं क्या कहूँ।”

बचाव कार्यों में बड़ी-बड़ी JCB मशीनें, क्रेन और तकनीकी विशेषज्ञ लगे हुए हैं। प्रशासन के अनुसार, मलबा हटाना बेहद चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि खदान की संरचना बेहद जटिल है और किसी भी गलत कदम से और जानें खतरे में पड़ सकती हैं।

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