उत्तर प्रदेश

राष्ट्र प्रेरणा स्थल देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों का बनेगा सशक्त प्रतीक – जयवीर सिंह

 

निश्चय टाइम्स डेस्क। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वसंत कुंज आवासीय योजना में 65 एकड़ में फैला राष्ट्र प्रेरणा स्थल बनकर तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आगामी 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर इसका भव्य लोकार्पण प्रस्तावित है। लोकार्पण से पूर्व उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को लोकार्पण से पहले सभी कार्य व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। पर्यटन मंत्री ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर मूर्ति निर्माण एवं स्थापना से जुड़े शिल्पकारों से संवाद किया और उनके कौशल, समर्पण व सृजनात्मक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार राष्ट्र प्रेरणा स्थल को देशभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय नायकों के प्रेरक मूल्यों का सशक्त प्रतीक बनाने के लिए प्रयासरत है। राजधानी लखनऊ अब नए भारत के नए उत्तर प्रदेश को साक्षात प्रस्तुत कर रहा है। यह स्थल भावी पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देगा।

 

राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पर देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 अटल बिहारी वाजपेयी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं लगी हैं। संस्कृति विभाग द्वारा तीनों प्रतिमाओं के निर्माण पर करीब 21 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च की गई है। स्थल पर तीनों विभूतियों के जीवन यात्रा से जुड़े संस्मरणों को संजोते हुए एक म्यूजियम भी बनाया गया है। इन प्रतिमाओं का निर्माण मेसर्स राम सुतार आर्ट क्रिएशन प्रा० लि० और मेसर्स माटूराम आर्ट्स सेंटर प्रा० लि० ने किया है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल कमल के आकार पर आधारित डिजाइन में तैयार किया गया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल केवल एक स्मारक भर नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण से जुड़े महान विचारों और मूल्यों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने वाला एक सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री के कर कमलों से इसका लोकार्पण लखनऊ वासियों के लिए गर्व और गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि प्रकृति से जुड़ाव को केंद्र में रखते हुए पार्क एवं हरित क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात, राज्य ललित कला अकादमी के निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री, अपर निदेशक संस्कृति डॉ0 सृष्टि धवन, संस्कृति विभाग की सहायक निदेशक रेनू रंगभारती सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

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