अंतरराष्ट्रीय

डिजिटल स्पॉन्सरशिप लेटर जनरेशन के माध्यम से अब विदेशों के वीजा मिलना आसान

निश्चय टाइम्स डेस्क।  वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने 29 नवंबर 2025 को ई-प्रोडक्शन इन्वेस्टमेंट बिज़नेस वीज़ा (ई-बी-4 वीजा) के अंतर्गत उत्पादन से संबंधित गतिविधियों के लिए भारतीय कंपनियों द्वारा विदेशी पेशेवरों को आमंत्रित करने हेतु डिजिटल रूप से प्रायोजन पत्र (स्पॉन्सरशिप लेटर) तैयार करने के लिए एक ऑनलाइन मॉड्यूल शुरू किया है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म भारत में ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बिज़नेस वीज़ा व्यवस्था के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए सुधारों की एक श्रृंखला का हिस्सा है।

अगस्त 2025 में, गृह मंत्रालय ने रोजगार वीजा, बिजनेस वीजा और ई-पीएलआई बिजनेस से संबंधित कुछ मुद्दों के समाधान हेतु एक परिपत्र जारी किया। इस परिपत्र के तहत, वे दो गतिविधियां जो पहले रोजगार वीजा के अंतर्गत आती थीं (प) उपकरणों की आपूर्ति के अनुबंध के अंतर्गत उनकी स्थापना और कमीशनिंग के लिए विदेशी नागरिकों का आगमन, तथा (पप) वे मामले जिनके लिए भारतीय कंपनियां शुल्क या रॉयल्टी देती हैं, उन्हें अब बिज़नेस वीज़ा सिस्टम के तहत लाया गया है। इसके अलावा, बिज़नेस वीज़ा प्रणाली के अंतर्गत “प्रोडक्शन इन्वेस्टमेंट वीज़ा” नामक एक नई उप-श्रेणी बनाई गई है, जिसे “बी-4 वीज़ा” कहा गया है। इसका उद्देश्य भारतीय कंपनियों द्वारा विदेशी विषय विशेषज्ञों/इंजीनियरों/तकनीकी कर्मियों को निम्नलिखित श्रेणियों में संलग्न करने की सुविधा प्रदान करना है (क) स्थापना एवं कमीशनिंग; (ख) गुणवत्ता जांच एवं आवश्यक अनुरक्षण; (ग) उत्पादन; (घ) आईटी एवं आईटी एवं ERP रैम्प-अप;; (ङ) प्रशिक्षण; (च) विक्रेताओं के पैनलिंग हेतु सप्लाई चेन विकास; (छ) संयंत्र डिजाइन एवं संचालन प्रारंभ (प्लांट ब्रिंग-अप); तथा (ज) ऐसी उत्पादन निवेश गतिविधियों के लिए भारत आने वाले वरिष्ठ प्रबंधन एवं कार्यकारी अधिकारी। इसके साथ ही, मौजूदा ई-पीएलआई बिज़नेस वीजा को खत्म कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने वीजा मैनुअल, 2019 के संबंधित अध्यायों में भी आवश्यक संशोधन किया गया है।

इन सुधारों के तहत, प्रोडक्शन इन्वेस्टमेंट वीज़ा को ई-वीज़ा के रूप में जारी किया जाएगा और इसके लिए ऑनलाइन वीज़ा पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। साथ ही, ई-बी-4 वीज़ा के लिए वीज़ा आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु भारतीय कंपनियां अब डिजिटल रूप से प्रायोजन पत्र तैयार करेंगी। इस डिजिटल सुविधा को सक्षम करने के लिए डीपीआईआईटी ने 29 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली (एनएसडब्ल्यूएस) पर ई-प्रोडक्शन इन्वेस्टमेंट बिज़नेस पंजीकरण मॉड्यूल शुरू किया है, जिसका लाभ पीएलआई तथा गैर-पीएलआई दोनों प्रकार के बिजनेस के लिए उठा सकते हैं। प्रक्रियाओं को आसान बनाते हुए सरल फॉर्म अपनाए गए हैं और लाइन मंत्रालय की अनुशंसा की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है। इस मॉड्यूल के माध्यम से भारतीय कंपनियां और सीमित दायित्व भागीदारी (एलएलपी) अब एनएसडब्लूएस डब्लूडब्लूडब्लू डाट एनएसडब्लूएस डाट जीओवी डाट इन पर ई-बी-4 वीजा श्रेणी के अंतर्गत उत्पादन से संबंधित गतिविधियों के लिए विदेशी पेशेवरों को आमंत्रित करने हेतु तत्काल प्रायोजन पत्र तैयार कर सकती हैं। एमसीए, जीएसटीएन आदि मौजूदा डेटाबेस के माध्यम से डेटा का ऑटो-पॉपुलेशन और स्वचालित प्रमाणीकरण किए जाने से लाइन मंत्रालय की स्वीकृति की आवश्यकता खत्म हो गई है। तैयार किए गए प्रायोजन पत्र का विशिष्ट पहचान संख्या (यूनिक आईडी) विदेशी पेशेवर द्वारा ई-वीज़ा पोर्टल डब्लूडब्लूडब्लू डाट आईएनडीआईएनर्वीआएओएनएलआइएनई डाट जीओवी डाट पर वीज़ा आवेदन करते समय संदर्भित की जाएगी। यह मॉड्यूल एपीआईके माध्यम से एनएसडब्ल्यूएस के साथ एकीकृत किया गया है।

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