इंडिया

नागर विमानन पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम में 03 से 28 दिसंबर, 2025 तक 13,000 शिकायतों का समाधान

परिचालन में बाधा के दौरान यात्रियों को सीधे सहायता देने के लिए 500 से अधिक कॉल-आधारित हस्तक्षेप भी किए गए हैं।

निश्चय टाइम्स डेस्क। उड़ानों में देरी, रिफंड से जुड़ी शिकायतें, सामान (बैगेज) से संबंधित समस्याएँ, भीड़भाड़, लंबी कतारें और पीक आवर्स में यात्रियों के लिए अपर्याप्त सुविधाएँ जैसी लगातार चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए एक स्थायी, 24×7 पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (पीएसीआर) 3 से 28 दिसंबर 2026 तक 13,000 से ज्यादा यात्रियों की समस्याओं को दूर किया जा चुका है। यें बातें नागर विमानन मंत्री सचिव समीर कुमार सिन्हा ने जारी एक बयान में दी। सचिव  ने बताया कि पीएसीआर एक एकीकृत केंद्र के रूप में कार्य करता है, जिसमें नागर विमानन मंत्रालय, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए), एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई), एयरलाइन ऑपरेटरों और अन्य प्रमुख हितधारकों के अधिकारी नई दिल्ली स्थित उड़ान भवन में एक ही छत के नीचे साथ मिलकर काम करते हैं। उन्होंने बताया, “पीएसीआर चौबीसों घंटे संचालित होता है, जहां विमानन संचालन की लगातार निगरानी की जाती है, यात्रियों की कॉल्स सुनी जाती हैं और वास्तविक समय में सहायता तथा शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी और कुशल समन्वय किया जाता है।” उन्होंने बताय कि एयरसेवा प्रणाली को भी पूरी तरह पीएसीआर के साथ एकीकृत कर दिया गया है, जिससे इसके माध्यम से प्राप्त यात्री शिकायतों का निर्बाध निपटान संभव हो सका है। एक ओम्नी-चौनल तकनीकी ढांचा यात्रियों से प्राप्त इनपुट को कार्रवाई योग्य मामलों में बदलता है, जिसे डेटा-आधारित डैशबोर्ड का समर्थन मिलता है। ये डैशबोर्ड शिकायतों के प्रकार, समय-सीमा और संबंधित हितधारकों की कार्रवाई पर लाइव निगरानी उपलब्ध कराते हैं। कंट्रोल रूम में एयरलाइन प्रतिनिधियों की भौतिक मौजूदगी से त्वरित समन्वय और मौके पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो पाता है। समीर कुमार सिन्हा ने बाताया कि प्रतिदिन व्यक्तिगत रूप से पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (पीएसीआर) का दौरा कर संचालन की समीक्षा करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि यात्रियों की शिकायतों का त्वरित निपटारा हो। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के चेयरमैन, डीजीसीए के संयुक्त महानिदेशक, नागर विमानन मंत्रालय के उप महानिदेशक और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का नेतृत्व और सहयोग पीएसीआर के प्रभावी संचालन में अहम भूमिका निभा रहा है ताकि यह प्रणाली हर समय संवेदनशीलता, दक्षता और जवाबदेही के साथ यात्रियों की सेवा करती रहे।

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