पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली को शीघ्र लागू किए जाने की मांग को लेकर बैंककर्मियों का आंदोलन
पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली

Nishcay Times Desk पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली को शीघ्र लागू किए जाने की मांग को लेकर बैंककर्मियों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। इसी क्रम में आज यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर अवध ट्रेड सेंटर, लालबाग में वार रूम का गठन कर जोरदार “ट्विटर अभियान” चलाया गया, जिसने पूरे दिन देशभर में पहला स्थान हासिल कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
यूनाइटेड फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि कई चरणों के विरोध, ज्ञापन और प्रदर्शनों के बावजूद सरकार द्वारा पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली की मांग की लगातार अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने कहा—
“सरकार की इस निरंतर अवहेलना से व्यथित होकर बैंककर्मी संघर्ष के लिए मजबूर हैं। ट्विटर अभियान के माध्यम से आज देशभर के बैंककर्मियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की है।”
वहीं मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने आंदोलन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि—
- 22 जनवरी को सायं 5:30 बजे एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी,
- रैली स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मुख्य शाखा से प्रारंभ होकर
- इंडियन बैंक, हजरतगंज में सभा के रूप में संपन्न होगी।
इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो 27 जनवरी को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की “एक दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल” की जाएगी।
बैंककर्मियों ने स्पष्ट किया कि पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली न केवल कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन के लिए आवश्यक है, बल्कि बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगी। आंदोलन के अगले चरणों को लेकर बैंकिंग जगत में व्यापक हलचल देखी जा रही है।



