5 दिवसीय बैंकिंग के लिए बैंककर्मियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल
हम माह में 2/3 दिन मांग रहे, जिसके बदले रोज 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने को भी तैयार हैं- वाई.के.अरोड़ा, प्रदेश संयोजक

रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी, नाबार्ड, अनेक सरकारी विभागों आदि में 5 कार्य दिवस, फिर हमारे साथ ही नाइंसाफी क्यों- डी.के. सिंह, महामंत्री, एनसीबीई
निश्चय टाइम्स डेस्क।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने आज अपनी राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के दौरान इंडियन बैंक, हजरतगंज पर जोरदार प्रदर्शन एवं सभा की। फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि आज की हड़ताल के पूर्व बैंककर्मियों ने 5 दिवसीय बैंकिंग के लिए धरना व कई प्रदर्शन किये, रैली निकाली तथा एक्स पर
अभियान भी चलाया, लेकिन केंद्र सरकार हमारी एकमात्र मांग मानने को तैयार नहीं है।

सभा में कॉमरेड डी.के. सिंह, महामंत्री, एनसीबीई ने बताया कि रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी, नाबार्ड, अनेक सरकारी विभाग, एनपीसीआई, सीवीसी, डीएफएस आदि में जब 5 कार्य दिवस हो सकते हैं तो बैंकों में क्यों नहीं? कॉम. आर एन शुक्ला ने कहा कि- अगर हम माह में 2/3 शेष शनिवारों को अवकाश मांग रहे हैं इसके बदले हम प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने को भी तैयार हैं। कॉम. एस के संगतानी ने सरकार की हठधर्मिता की चर्चा करते हुए कहा कि- आई.बी.ए. ने हमारी मांग को स्वीकार करके सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेज रखा है, किंतु सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है।
प्रदर्शन में कॉम. मनमोहन दास ने कहा कि- 5 दिवसीय बैंकिंग कोई भीख नहीं वरन हमारा अधिकार है और इसके लिए हम लंबी लड़ाई लड़ने को भी तैयार है। सभा को संबोधित करते हुए कॉम. काम. लक्ष्मण सिंह, शकील अहमद, संदीप सिंह, वीके माथुर, बीडी पांडे, एस डी मिश्रा, विभाकर कुशवाहा, आनंद सिंह, विशाखा वर्मा, स्वाति सिंह आदि बैंकनेताओं ने कहा कि बैंक हड़ताल से लोगो को होने वाली दिक्कतों की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है.
इस अवसर पर कॉम. वी.के.सेंगर, राकेश पाण्डेय, ललित श्रीवास्तव, मनीषकांत, एस.के.अग्रवाल, नंदू त्रिवेदी, वी.के.श्रीवास्तव, अनुषा दुबे, विनय श्रीवास्तव, प्रीति वर्मा आदि ने कहा कि बैंक कर्मियों पर तनाव व दबाव के चलते 5 दिवसीय बैंकिंग शीघ्र लागू होनी चाहिए। इनके अलावा धनंजय सिंह, आकाश शर्मा, यू पी दुबे, करुणेश शुक्ला, तारकेश्वर चौहान, आशुतोष वर्मा, शिवकुमार सिंह, ब्रजेश तिवारी, आर.पी.सिंह, अमित सिंह आदि बैंकनेताओं ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार हमें अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए मजबूर ना करें।
अनिल तिवारी, मीडिया प्रभारी ने बताया कि देशव्यापी बैंक हड़ताल से लखनऊ में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की 905 शाखाओं के लगभग 16000 कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहे। एक अनुमान के अनुसार लखनऊ में लगभग 2500 करोड़ की क्लीरिंग रुकी।



