उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश को फार्मा हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम: 3 फरवरी को लखनऊ में ‘फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’

वैश्विक निवेशकों को आमंत्रण, फार्मा और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र की अपार संभावनाओं पर होगा मंथन

निश्चय टाइम्स डेस्क। उत्तर प्रदेश को भारत का अग्रणी फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस विनिर्माण केंद्र बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) तथा इन्वेस्ट यूपी के संयुक्त तत्वावधान में “फार्मा कॉन्क्लेव 1.0: उत्तर प्रदेश में निवेश अवसर” का आयोजन 3 फरवरी 2026 को होटल ताज महल, लखनऊ में किया जाएगा।

इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य राज्य की सुदृढ़ अवस्थापना, विशाल उपभोक्ता बाजार और निवेशक-अनुकूल नीतियों के माध्यम से फार्मा सेक्टर में घरेलू एवं वैश्विक निवेश को प्रोत्साहित करना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कॉन्क्लेव का उद्घाटन करेंगे और उत्तर प्रदेश की पारदर्शी, सुरक्षित एवं निवेशक-अनुकूल शासन व्यवस्था की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ मंत्री, नीति निर्माता एवं उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य एवं फार्मा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। नोएडा क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क और ललितपुर में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क के माध्यम से घरेलू विनिर्माण को मजबूती मिल रही है। यह प्रयास ‘मेक इन इंडिया’ से आगे बढ़कर ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की अवधारणा को साकार करेगा।

फार्मा उद्योग के दिग्गज होंगे शामिल

फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 में देश की अग्रणी फार्मास्युटिकल कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व की भागीदारी रहेगी। प्रमुख रूप से सन फार्मा के चेयरमैन दिलीप सांघवी, ज़ाइडस लाइफसाइंसेज़ के चेयरमैन पंकज आर. पटेल, मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन रमेश जुनेजा, डॉ. रेड्डीज़ के चेयरमैन डॉ. सतीश रेड्डी तथा टोरेंट फार्मा के वाइस चेयरमैन जीनल मेहता जैसे उद्योग दिग्गज शामिल होंगे।

ये विशेषज्ञ फार्मा और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में निवेश, नवाचार, अनुसंधान और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े विषयों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे।

नीतिगत प्रोत्साहन और मजबूत आधार

उत्तर प्रदेश सरकार की फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत निवेशकों को अनेक आकर्षक सुविधाएं दी जा रही हैं, जिनमें

  • 15% पूंजीगत अनुदान,
  • 100% स्टांप ड्यूटी छूट,
  • बिजली शुल्क में पूर्ण छूट शामिल हैं।

इन प्रोत्साहनों को औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022, एफडीआई नीति तथा GCC नीति-2024 का भी समर्थन प्राप्त है।

राज्य में 81 से अधिक मेडिकल कॉलेज, 450 से अधिक फार्मा कॉलेज, NIPER रायबरेली, KGMU, SGPGI, IIT कानपुर एवं IIT-BHU जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं, जो उद्योग-अनुकूल कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराते हैं।

Ease of Doing Business और बेहतर कनेक्टिविटी

निवेश मित्र’ सिंगल-विंडो प्रणाली के माध्यम से निवेशकों को त्वरित स्वीकृतियां और सरल प्रक्रियाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही 13 एक्सप्रेसवे और 21 हवाई अड्डों (आगामी जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित) का नेटवर्क उत्तर प्रदेश को घरेलू एवं वैश्विक बाजारों से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी प्रदान करता है।

कॉन्क्लेव के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव (MoU) होने, नए उद्योगों की स्थापना और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद है, जिससे उत्तर प्रदेश को एक वैश्विक फार्मा निवेश गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलेगी।

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