राजनीति

बजटीय प्रावधानों से भारत बनेगा ‘ऑरेंज इकॉनॉमी’ का वैश्विक पावरहाउस : डॉ. दिनेश शर्मा

मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी, बैंक बनेंगे विकास के नए साझेदार, टैक्स सिस्टम होगा सहयोगी

निश्चयट टाइम्स डेस्क।
राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने केंद्रीय बजट को भारत की रचनात्मक, आर्थिक और संरचनात्मक ताकत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने वाला बजट बताते हुए कहा कि बजटीय प्रावधानों के चलते भारत अब ऑरेंज इकॉनॉमी का ग्लोबल लीडर बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत के युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने वाला साबित होगा।

डॉ. शर्मा ने कहा कि आर्थिक राजधानी मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी की स्थापना और देश के 15,000 स्कूलों व 5,000 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटिव लैब्स का निर्माण भारत को विजुअल इफेक्ट्स, डिज़ाइन, मीडिया और क्रिएटिव इंडस्ट्री में वैश्विक नेतृत्व दिलाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रचनात्मक अर्थव्यवस्था को लेकर दिए गए विजन को इस बजट में ठोस स्वरूप दिया गया है।

बजट को सर्वसमावेशी बताते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर अब केवल वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि विकास के नए साथी बनेंगे। आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप बैंकिंग प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि म्यूनिसिपल और कॉरपोरेट बॉन्ड को प्रोत्साहन मिलने से छोटे और मध्यम शहरों के विकास को नई गति मिलेगी और शहरी बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।

डॉ. शर्मा ने कहा कि नया आयकर अधिनियम लागू होने के बाद टैक्स सिस्टम अब सजा नहीं, सहयोग का माध्यम बनेगा, जिससे ईमानदार करदाताओं को सम्मान मिलेगा। सरकार ने विकास के साथ-साथ राजकोषीय अनुशासन बनाए रखा है, जो इस बजट की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि बजट में रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय प्रस्ताव रोजगार सृजन, निजी निवेश और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूत करेंगे। सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, औद्योगिक कॉरिडोर का विस्तार और हरित परिवहन के लिए ई-बसों की व्यवस्था से देश का इंफ्रास्ट्रक्चर नया रूप लेगा।

डॉ. शर्मा ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास विकसित की जाएंगी, जिससे उच्च शिक्षा सीधे उद्योग और रोजगार से जुड़ेगी। इन टाउनशिप में स्किल सेंटर, हाईटेक लैब, रिसर्च सेंटर और इनोवेशन हब स्थापित होंगे। इसके साथ ही पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) की स्थापना से क्षेत्रीय संतुलन को बल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यह बजट भारत को न केवल आर्थिक रूप से मजबूत करेगा, बल्कि ज्ञान, नवाचार और रचनात्मकता का वैश्विक केंद्र बनाएगा।

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