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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 57वीं पुष्प, फल एवं शाक-भाजी प्रदर्शनी का किया निरीक्षण

एआई-रोबोटिक्स से लेकर सेना के अत्याधुनिक हथियारों तक, नवाचारों ने खींचा ध्यान


निश्चय टाइम्स डेस्क। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन में आयोजित 57वीं पुष्प, फल एवं शाक-भाजी प्रदर्शनी के दौरान परिसर के छोटे लॉन में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर संबंधित विषयों की जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में कृषि नवाचार, आधुनिक तकनीक, एआई-रोबोटिक्स और भारतीय सेना के अत्याधुनिक उपकरण आकर्षण का केंद्र

निरीक्षण के क्रम में राज्यपाल ने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के स्टॉल का अवलोकन किया। यहां जापान से आए एग्रो प्रोडक्ट निर्माण से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने उर्वरकों, न्यूट्रिएंट्स और कृषि तकनीक से जुड़े अपने उत्पादों की जानकारी दी। राज्यपाल ने इन नवाचारों की सराहना करते हुए कृषि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया, ताकि कृषि उत्पादकता बढ़े और किसानों की आय में वृद्धि हो।

इसके बाद उन्होंने आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जन भवन के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित एआई एवं रोबोटिक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। छात्रों ने रोबोट सॉकर, नमस्ते रोबोट, स्मार्ट डस्टबिन, ऑटोमेटिक वाटर डिस्पेंसर, वॉयस कंट्रोल व्हीलचेयर और थ्री-डायमेंशनल प्रिंटर जैसे नवाचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की रचनात्मकता और तकनीकी समझ की राज्यपाल ने खुलकर प्रशंसा की।

राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा, राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान तथा केंद्रीय औषधीय एवं सुगंध पौधा संस्थान के स्टॉलों का भी निरीक्षण किया। यहां औषधीय पौधों, बोनसाई और कैक्टस की विविध प्रजातियों ने विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया।

कारागार विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा ‘वन जेल वन प्रोडक्ट’ के तहत लगाए गए स्टॉल पर राज्यपाल ने शहद, घी, बिस्किट, अचार और ब्रेड जैसे उत्पादों की गुणवत्ता की जानकारी ली और इस पहल की सराहना की।

बांदा, मेरठ और अयोध्या के कृषि विश्वविद्यालयों के स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने शोध कार्यों, उन्नत कृषि उत्पादों और सब्जियों की नई प्रजातियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट का स्टॉल रहा, जहां ड्रोन, ब्लैक हॉरनेट, रोबोटिक्स, अत्याधुनिक हथियार और रेडियो सेट प्रदर्शित किए गए। 1971 के युद्ध से जुड़े दुर्लभ चित्रों और ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ सरेंडर’ के विवरण ने आगंतुकों में विशेष रुचि जगाई। राज्यपाल ने युद्ध वाहनों का अवलोकन कर जवानों का उत्साहवर्धन भी किया।

इसके अलावा भारतीय डाक विभाग की प्रदर्शनी में डाक टिकटों का अवलोकन किया गया, जबकि एनसीसी स्टॉल पर युवा आपदा मित्र योजना के तहत दिए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की गई।

इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ. सुधीर महादेव बोबडे सहित राजभवन के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदर्शनी ने कृषि, तकनीक और नवाचार के समन्वय का प्रभावी संदेश देते हुए युवाओं और किसानों के लिए नए अवसरों की संभावनाएं भी प्रदर्शित कीं।

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