09 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट: विकास, उद्योग और स्वास्थ्य को नई रफ्तार
निश्चय टाइम्स डेस्क

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का ₹9 लाख करोड़ से अधिक का ऐतिहासिक बजट राज्य के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 12.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उद्योग जगत और स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधियों ने इसे ‘विकसित भारत–2047’ की मजबूत नींव करार दिया है।
सीआईआई उत्तर प्रदेश की चेयरपर्सन एवं यशोदा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. उपासना अरोड़ा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट समावेशी और सतत विकास को सुनिश्चित करेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹46,000 करोड़ से अधिक के आवंटन और 14 नए मेडिकल कॉलेजों की घोषणा को उन्होंने स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। कैंसर और डायबिटीज की दवाओं की कीमतों में कमी से आमजन को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सीआईआई उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष एवं अवध रेल इंफ्रा लिमिटेड के एमडी अभिषेक सर्राफ ने कहा कि सड़क, रेलवे, एक्सप्रेस-वे और राजमार्गों पर फोकस से औद्योगिक निवेश को गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने इसे राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बताया।
एमएसएमई क्षेत्र के लिए ₹3,822 करोड़ के आवंटन को पूर्व चेयरपर्सन स्मिता अग्रवाल ने अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह पिछले वर्ष से लगभग 19 प्रतिशत अधिक है और इससे ऋण पहुंच, क्लस्टर विकास, कौशल प्रशिक्षण तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान को मजबूती मिलेगी।
पूर्व अध्यक्ष आकाश गोयनका ने कानपुर, मेरठ और आगरा के लिए ₹720 करोड़ के विशेष प्रावधान को औद्योगिक क्लस्टरों और पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए रणनीतिक निवेश बताया। वहीं, जय अग्रवाल ने औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार हेतु ₹27,000 करोड़ तथा प्रतिवर्ष 1 लाख सूक्ष्म उद्यम जोड़ने के लक्ष्य के साथ ₹1,000 करोड़ के प्रावधान को निवेश और रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
कुल मिलाकर, यह बजट स्वास्थ्य, उद्योग, एमएसएमई और अवसंरचना के समन्वित विकास का रोडमैप प्रस्तुत करता है, जो उत्तर प्रदेश को नई आर्थिक ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखता है।



