राष्ट्रीय

सरकार का बड़ा दांव: परिधान निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ROSCTL योजना का विस्तार

MSME सेक्टर को राहत, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत को मिलेगा नया संबल

निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
वैश्विक बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भारत सरकार ने परिधान और तैयार वस्त्रों के निर्यात को मजबूती देने के लिए एक अहम फैसला लिया है। वस्त्र मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य एवं केंद्रीय करों और शुल्कों पर छूट (ROSCTL) योजना को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब निर्यातकों को वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव और लागत दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

इस योजना का उद्देश्य निर्यातित वस्त्रों पर लगने वाले उन करों और शुल्कों को समाप्त करना है, जो अन्य योजनाओं के तहत कवर नहीं होते। इससे भारतीय उत्पादों की लागत कम होगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। खास बात यह है कि इस विस्तार में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है, जिससे निर्यातकों को नीति की स्थिरता का भरोसा मिला है।

सरकार ने साथ ही RoDTEP योजना को भी 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक जारी रखने का निर्णय लिया है, जिससे उन वस्त्र उत्पादों को लाभ मिलेगा जो ROSCTL के दायरे में नहीं आते। यह दोहरी रणनीति वस्त्र उद्योग की पूरी वैल्यू चेन को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि यही वर्ग निर्यात का बड़ा हिस्सा संभालता है। नीति की निरंतरता से निवेश का माहौल सुधरेगा और रोजगार सृजन को भी गति मिलेगी।

सरकार का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि वह भारत को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Related Articles

Back to top button