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बारिश के बाद त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी

बारिश के बाद मौसम में नमी अधिक होने के चलते त्वचा रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में लाल चकत्ते वाले दाने और अन्य एलर्जी वाले मरीजों की भीड़ सुबह से ही ओपीडी में देखी जा रही है। शुक्रवार को ओपीडी में करीब 300 मरीज पहुंचे। मेडिकल कॉलेज की त्वचा रोग विशेष डाॅ. प्रीति का कहना है कि बारिश के बाद बढ़ी उमस ने त्वचा रोग संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा मरीज खुजली से परेशान होकर ओपीडी में आ रहे हैं। इसके अलावा चुभन, जलन और फफोले पड़ने जैसे लक्षण भी मिल रहे हैं। मरीजों को बीमारियों से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। बताया कि कभी बारिश हो रही है तो कभी धूप खिल रही है। इस कारण तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। इसकी वजह से फंगल इंफेक्शन पसीना रुकने वाले शरीर के स्थानों पर हो जाता है। उमस के कारण शरीर में पसीना ज्यादा आने की वजह से खुजली, मुहासे, पिथी की बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। फंगल इंफेक्शन मुख्य रूप से नमी युक्त कपड़े पहनने से होता है। बारिश के दिनों में कपड़ों की नमी के कारण शरीर में संक्रमण फैल रहा है।
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बचाव के उपाय जरूर करते रहें

त्वचा रोग विशेषज्ञ का कहना है कि अगर कपड़े गीले हों तो उन्हें बदलकर सूखे कपड़े पहनने चाहिए। अगर कोई दाद, खाज, खुजली या अन्य कोई समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराना चाहिए। बचाव के उपाय जरूर करें। गर्मी में पसीना आने पर उसे सुखाते रहें। बारिश में ज्यादा देर भीगने से बचें। नम व गीले कपड़े न पहनें। कपड़ों को सुखाकर पहनें। शरीर की सफाई का ध्यान रखें। रोजाना साफ पानी से स्नान करें। त्वचा रोगी के कपड़े परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें।

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