
भारत ने रविवार को जिंबाब्वे को पांचवें और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में 42 रन से हराकर सीरीज 4-1 से अपने नाम की। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की। सीरीज के लिए सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया गया था और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ियों को मौका मिला था। भारतीय टीम की अगुवाई शुभमन गिल कर रहे थे, जिन्होंने ‘यंगिस्तान’ की ताकत का परिचय देते हुए जिंबाब्वे में परचम लहराया।

भारत ने सीरीज के पहले मुकाबले में हार का सामना किया था,
लेकिन इसके बाद टीम ने शानदार वापसी की और चार मैच जीतकर सीरीज पर कब्जा जमाया। सीरीज के आखिरी मुकाबले में संजू सैमसन के अर्धशतक और मुकेश कुमार की शानदार गेंदबाजी ने भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सैमसन ने 45 गेंदों पर 58 रन की पारी खेली जिसमें चार छक्के और एक चौका शामिल था, जबकि मुकेश कुमार ने 22 रन पर चार विकेट लेकर जिंबाब्वे को 18.3 ओवर में 125 रन पर समेट दिया।
जिंबाब्वे की ओर से डियोन मायर्स ने सबसे अधिक 34 रन बनाए, जबकि सलामी बल्लेबाज ताडिवनाशे मरूमानी और फराज अकरम ने 27-27 रन का योगदान दिया। भारतीय गेंदबाजों में शिवम दुबे (25 रन पर दो विकेट), वाशिंगटन सुंदर (सात रन पर एक विकेट), अभिषेक शर्मा (20 रन पर एक विकेट) और तुषार देशपांडे (25 रन पर एक विकेट) ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मैच की शुरुआत में भारत को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जिंबाब्वे के गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की और भारत को शुरुआती विकेट जल्दी ही दे दिए। नगारवा (29 रन पर एक विकेट), रजा (37 रन पर एक विकेट), और मावुता (39 रन पर एक विकेट) ने भारतीय बल्लेबाजों को दबाव में डाला। हालांकि, सैमसन और रियान पराग ने चौथे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी कर भारत को एक प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया।
ब्लेसिंग मुजरबानी जिंबाब्वे के सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 19 रन देकर दो विकेट झटके। इसके बावजूद, भारत ने पावर प्ले के बाद तेजी से रन बनाए और अंत में 167 रन का स्कोर खड़ा किया।

सैमसन की शानदार पारी और गेंदबाजों की शानदार प्रदर्शन ने भारत को मैच और सीरीज जीत दिलाई, जबकि वाशिंगटन सुंदर को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।



