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जम्मू-कश्मीर: डोडा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में अधिकारी समेत 5 जवान शहीद, कश्मीर टाइगर्स ने ली जिम्मेदारी

जम्मू-कश्मीर :के डोडा जिले में सोमवार शाम आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए एक अधिकारी सहित 5 जवानों की मंगलवार तड़के इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मुठभेड़ में कश्मीर टाइगर्स ने जिम्मेदारी ली है। सोमवार को डेसा इलाके में सेना, सीआरपीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया था।

 

आतंकवादियों ने गोलीबारी के बाद भागने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया ताकि वे अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर भाग न सकें।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह के जवानों ने शाम करीब 7.45 बजे देसा वन क्षेत्र के धारी गोटे उरारबागी में एक संयुक्त घेरा और तलाशी अभियान शुरू किया, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई। पिछले 35 दिनों में डोडा क्षेत्र में यह चौथी मुठभेड़ है।
हाल ही में कठुआ जिले में हुए आतंकी हमले के बाद से सुरक्षाबलों की टीमें जम्मू रीजन के अलग-अलग इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इसी कड़ी में डोडा के घने जंगलों में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है।
ऑपरेशन कोठी: आतंकवादियों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई

सुरक्षाबलों को डोडा के जंगल में आतंकियों के दल के छिपे होने की सूचना मिली थी। इस पर क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष दस्ते (एसओजी) और सेना के जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाया और इसी बीच आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई। इस ऑपरेशन का नाम ‘ऑपरेशन कोठी’ रखा गया है।

आतंकी हमलों में वृद्धि

जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में आतंकी हमलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 9 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ लेने के दिन रियासी में तीर्थयात्रियों की बस पर हमला हुआ था, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी। 9 से 11 जून के बीच आतंकियों ने चार हमले किए।

कठुआ में पांच जवान हुए बलिदान

जुलाई की शुरुआत में, 8 जुलाई को कठुआ के बदनोटा इलाके में सेना के गश्ती दल पर आतंकवादियों के एक समूह ने घात लगाकर हमला किया था, जिसमें पांच जवान बलिदान हो गए

डोडा मुठभेड़: अतिरिक्त जानकारी

डोडा जिले में सोमवार शाम को हुई इस मुठभेड़ ने पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। क्षेत्र के लोग चिंतित हैं और सुरक्षाबलों के अभियान को समर्थन दे रहे हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

आतंकी हमलों का बढ़ता ग्राफ

जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ महीनों से आतंकी गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पार से आने वाली घुसपैठ और स्थानीय आतंकवादियों के नेटवर्क का पुनर्गठन इसके प्रमुख कारण हैं। सुरक्षा बलों ने भी अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए सर्च ऑपरेशनों की संख्या बढ़ा दी है।

स्थानीय लोगों का समर्थन

डोडा के स्थानीय लोगों ने सुरक्षाबलों के इस ऑपरेशन को पूरा समर्थन दिया है। उनका कहना है

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