ट्रेनी IAS अधिकारी पूजा खेडकर का बयान
प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर : ने सोमवार को कहा कि वह उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच कर रही केंद्रीय समिति के समक्ष अपना पक्ष रखेंगी और सत्य की जीत होगी। खेडकर (34) सिविल सेवा परीक्षा में चुने जाने के लिए फर्जी तरीके का इस्तेमाल करने के आरोपों का सामना कर रही हैं। उन्होंने खुद को कथित तौर पर शारीरिक रूप से दिव्यांग और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय का बताया था

समिति का निर्णय सभी को स्वीकार्य होगा
खेडकर ने कहा,
“मैं समिति के समक्ष अपना पक्ष रखूंगी। मुझे लगता है कि समिति जो भी निर्णय लेगी, वह सभी को स्वीकार्य होना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “यहां एक परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में मेरी जिम्मेदारी काम करना और सीखना है और मैं यही कर रही हूं। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकती। सरकार के विशेषज्ञ (समिति) ही फैसला करेंगे। न मैं, न आप (मीडिया) और न ही जनता फैसला कर सकती है।”
दोषी साबित न होने तक निर्दोष
खेडकर ने कहा, “जब भी समिति का फैसला आएगा, वह सार्वजनिक होगा। लेकिन, अभी मुझे चल रही जांच के बारे में आपको बताने का कोई अधिकार नहीं है।” यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, खेडकर ने कहा, “हर कोई जानता है कि क्या चल रहा है।” उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान इस तथ्य पर आधारित है कि जब तक आप दोषी साबित नहीं हो जाते, तब तक आप निर्दोष हैं।
पूजा खेडकर का कहना है कि वह सत्य की जीत में विश्वास रखती हैं और समिति के निर्णय का सम्मान करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता एक परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को निभाना है और वह उसी पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
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