‘सदन में बैठे-बैठे बोलने वाले सदस्यों की बात का संज्ञान नहीं लें मंत्री’
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सदन में कहा कि मंत्रियों को उन सदस्यों की बात का संज्ञान बिल्कुल नहीं लेना चाहिए जो अपने स्थान पर बैठे-बैठे बोलते हैं। उन्होंने सदन में प्रश्नकाल के दौरान यह टिप्पणी उस समय की, जब श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया अपने मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। बिरला ने कहा, ‘मंत्री जी, जो सदस्य बैठे-बैठे बोलते हैं, उनका नोटिस भी मत लीजिए। आप अध्यक्ष की तरफ देखकर बोलें।’
राज्यसभा में भी उठी दिल्ली कोचिंग हादसे पर चर्चा की मांग
राज्यसभा में दिल्ली कोचिंग हादसे पर चर्चा की मांग की गई है। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा, ‘मुझे नियम 267 के तहत नोटिस मिले हैं…उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही के कारण दिल्ली में यूपीएससी उम्मीदवारों की दुखद मौत पर चर्चा की मांग की है। मुझे लगता है कि देश के युवा जनसांख्यिकीय लाभांश को पोषित किया जाना चाहिए। आज कोचिंग व्यापार बन गई है। जब भी हम कोई समाचार पत्र पढ़ते हैं, तो पहले एक या दो पृष्ठ उनके विज्ञापनों के ही होते हैं।’
शशि थरूर ने दिल्ली कोचिंग हादसे को बताया शर्मनाक
दिल्ली कोचिंग हादसे का मामला आज लोकसभा में भी उठा। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने घटना के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ‘यह शर्मनाक घटना है। युवाओं का सपना बिखर गया और उनके परिजनों को भी सदमा लगा है। यह देश के लिए बेहद दुख की बात है। जब जीवन चला गया तो क्या कदम उठाए जा सकते हैं? पीड़ितों को मुआवजा मिलना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी घटना फिर न हो और किसी को ये दुख न झेलना पड़े।
दिल्ली कोचिंग हादसे पर हंगामे के आसार
दिल्ली में कोचिंग हादसे में तीन छात्रों की मौत पर आज संसद में हंगामे के आसार हैं। कांग्रेस सांसद डॉ. अमर सिंह ने लोकसभा में कोचिंग हादसे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया है। कांग्रेस सांसद ने मांग की है कि दिल्ली कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की मौत की जवाबदेयी तय की जाए।