गोंडा। किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में साक्ष्य के अभाव में तीन आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला के खिलाफ प्रकीर्ण दांडिक केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कटरा बाजार थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर कहा कि 22 मार्च 2020 की शाम साढ़े सात बजे उसकी 15 साल की बेटी घर के दक्षिण की तरफ गाय बांधने गई थी। तभी कटरा बाजार के ग्राम छिटनापुर निवासी इसरार अहमद और गंडाही के रहने वाले अल्ताफ व मो. आरिफ उसे मड़हा में उठा ले गए और तीनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी के शोर मचाने पर वह पहुंची तो तीनों आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। अदालत के आदेश पर परिवाद दर्ज किया गया।
परिवादी महिला की ओर से पेश किए गए साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को विचारण के लिए तलब कर लिया। लेकिन, ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष न्यायालय में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट का साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सका। इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपियों को दोषमुक्त करने की मांग की।
मंगलवार को मामले में निर्णय सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने आरोपी इसरार अहमद, अल्ताफ व मो. आरिफ को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने झूठी व फर्जी घटना बनाकर परिवाद दर्ज कराने के संबंध में परिवादी महिला के खिलाफ पाॅक्सो एक्ट की धारा 22 के तहत प्रकीर्ण दांडिक केस दर्ज करने का आदेश दिया है।