समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि भाजपा की सोच हमेशा से आरक्षण विरोधी रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आरक्षण का मूल उद्देश्य उपेक्षित समाज का सशक्तीकरण होना चाहिए।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि समाज के विभाजन या विघटन से आरक्षण के मूल सिद्धांत की अवहेलना होती है। उन्होंने बताया कि आरक्षण शोषित और वंचित समाज को सशक्त और सबल बनाने का संवैधानिक मार्ग है, जिससे समाज में बदलाव आएगा। साथ ही, इसके प्रविधानों को बदलने की आवश्यकता नहीं है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हर बार अपने गोल-मोल बयानों और मुकदमों के माध्यम से आरक्षण की लड़ाई को कमजोर करती है। लेकिन जब पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) का दबाव पड़ता है, तो भाजपा सहानुभूति दिखाकर पीछे हटने का नाटक करती है।