कर्नाटक के मांड्या जिले के नागमंगला कस्बे में भगवान गणेश की प्रतिमा की शोभायात्रा के दौरान बुधवार रात हिंसा भड़क गई। दो गुटों के बीच बहस के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने इस मामले में अब तक 46 लोगों को गिरफ्तार किया है।
घटना तब हुई जब बदरिकोप्पलु गांव से श्रद्धालु शोभायात्रा निकाल रहे थे। इसी दौरान दो गुटों में बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गई। कुछ उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे कई दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा। इस दौरान 2-3 दुकानों में आग लगा दी गई।
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पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, जिससे भीड़ को तितर-बितर किया जा सका। इस झड़प में दो पुलिसकर्मी समेत कुछ लोग घायल हो गए।

डिप्टी कमिश्नर का बयान
मांड्या के डिप्टी कमिश्नर डॉ. कुमार ने कहा कि यह घटना तब हुई जब गणेश जुलूस मस्जिद के पास पहुंचा। उपद्रवियों द्वारा पत्थरबाजी की गई, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन भी हुए। डिप्टी कमिश्नर, आईजी, और एसपी ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर 14 सितंबर तक धारा 144 लागू कर दी गई है, जिससे चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर तैनात कर दिया गया है ताकि और कोई अप्रिय घटना न हो।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने गैरकानूनी रूप से एकत्र होने, हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। शोभायात्रा में शामिल युवाओं ने थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन कर हिंसा के दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
स्थिति नियंत्रण में
डिप्टी कमिश्नर के अनुसार, स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है और इलाके में बिजली आपूर्ति को भी जल्द बहाल करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस की जांच जारी है और दोषियों को जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।
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