प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के घर गणपति पूजा में शामिल होने के बाद कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने कहा कि सत्ता के भूखे लोग समाज को बांटने का काम कर रहे हैं, और इन्हें मेरे गणेश पूजा में जाने से परेशानी हो रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि गणेश पूजा में शामिल होने को लेकर कांग्रेस और उसके समर्थक “सत्ता के भूखे” लोगों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज भी सत्ता के भूखे लोग समाज को बांटने का काम कर रहे हैं और उन्हें ही मेरे गणेश पूजा में जाने से दिक्कत हो रही है। कांग्रेस और इसके पूरे ईकोसिस्टम को मेरी पूजा से परेशानी हो गई है।”
कर्नाटक में कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने वहां भगवान गणेश की प्रतिमा को सलाखों के पीछे डाल दिया, जो एक बड़ा पाप है। पीएम ने स्पष्ट किया कि यह स्थिति नफरत और समाज में जहर घोलने की मानसिकता को दर्शाती है, जिसे देश में कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि ऐसी नफरती सोच से हमें देश को बचाना होगा और इन ताकतों को हमारे आगे बढ़ने से रोकना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे लोग, जो समाज को बांटने का काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ हमें सतर्क रहना होगा और समाज को इनसे बचाने के लिए कदम उठाने होंगे।
यह बयान प्रधानमंत्री मोदी का कांग्रेस पर सीधा हमला है और गणपति पूजा को लेकर राजनीति के एक नए मोड़ को दिखाता है। पीएम मोदी का यह बयान कांग्रेस द्वारा उनके गणेश पूजा में शामिल होने पर उठाए गए सवालों के बीच आया है, और इससे राजनीतिक माहौल में नया विवाद पैदा हो सकता है।
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