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राहुल गांधी पर विवादित टिप्पणी: भाजपा सांसद अनिल बोंडे और शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ के बयान पर विवाद

 कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी का सिलसिला लगातार जारी है। हाल ही में, भाजपा के राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे और शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणियों ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। बोंडे की टिप्पणी राहुल गांधी के आरक्षण संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया के तौर पर आई, जिसमें उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की जीभ जला देनी चाहिए। इससे पहले, शिवसेना विधायक गायकवाड़ ने राहुल गांधी की जीभ काटने वाले को 11 लाख रुपये इनाम देने का ऐलान किया था।
राहुल गांधी का आरक्षण पर बयान
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने अपने अमेरिका दौरे के दौरान जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा था कि जब भारत एक बेहतर स्थिति में होगा, तो कांग्रेस आरक्षण को खत्म करने पर विचार करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि यह स्थिति अभी नहीं आई है और मौजूदा हालात में आरक्षण को जारी रखना आवश्यक है। राहुल गांधी का यह बयान विपक्षी दलों के निशाने पर आ गया, और उन्होंने इसे सामाजिक न्याय पर हमला बताते हुए उनकी आलोचना शुरू कर दी।
शिवसेना विधायक की टिप्पणी और भाजपा सांसद की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के इस बयान के बाद शिवसेना के बुलढाणा विधायक संजय गायकवाड़ ने उनकी कड़ी निंदा की और यहां तक कहा कि जो कोई भी उनकी जीभ काटेगा, उसे 11 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस विवादास्पद बयान के बाद भाजपा सांसद अनिल बोंडे ने भी एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा कि राहुल गांधी की जीभ काटने से अच्छा है कि उसे जला देना चाहिए। बोंडे ने यह भी कहा कि जो कोई भी देश के बाहर जाकर अपमानजनक बातें करता है, उसकी जुबान जलाने की सजा दी जानी चाहिए।
भाजपा सांसद ने कहा, “जीभ काटने जैसी बातें कहना ठीक नहीं है, लेकिन जो राहुल गांधी ने आरक्षण के बारे में कहा, वह खतरनाक है। इस प्रकार के बयान देकर देश की सामाजिक समरसता को खतरे में डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
भाजपा ने बोंडे के बयान से किया किनारा
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने अनिल बोंडे के इस बयान का समर्थन नहीं किया। महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि वे न तो संजय गायकवाड़ की जीभ काटने की धमकी का समर्थन करते हैं और न ही अनिल बोंडे के जीभ जलाने के बयान का। बावनकुले ने कहा, “हम किसी भी तरह की हिंसा को समर्थन नहीं देते। कांग्रेस नेताओं को भी भारत विरोधी बयानबाजी से बचना चाहिए। आरक्षण एक संवेदनशील मुद्दा है, और इस पर कांग्रेस को अपना रुख साफ करना चाहिए।”
भाजपा का यह स्पष्ट रुख दिखाता है कि पार्टी खुद को इस विवाद से अलग रखना चाहती है। बावनकुले के बयान से यह भी संकेत मिलता है कि भाजपा नेतृत्व इस तरह की बयानबाजी से दूर रहकर मुद्दे को शांत करने की कोशिश कर रहा है।
विपक्ष का विरोध और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
इस विवाद के बाद, कांग्रेस के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और भाजपा सांसद अनिल बोंडे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस के कई नेताओं ने अमरावती पुलिस कमिश्नरेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और बोंडे की गिरफ्तारी की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने इसे राहुल गांधी के खिलाफ एक साजिश बताया और आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर राहुल गांधी को निशाना बना रही है।
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “राहुल गांधी की जुबान बंद करने की धमकियां देकर भाजपा और उसके सहयोगी दल अपनी हताशा दिखा रहे हैं। आरक्षण को लेकर राहुल गांधी का रुख हमेशा स्पष्ट रहा है, और उनकी बातें देश के संविधान के अनुसार ही हैं। हम भाजपा के ऐसे बयानों का कड़ा विरोध करते हैं।”
कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, “राहुल गांधी के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी से उनकी जान को खतरा हो सकता है। यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। प्रधानमंत्री मोदी को इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।”
आरक्षण: सामाजिक न्याय और राजनीतिक हथियार
आरक्षण एक ऐसा मुद्दा है जो भारतीय समाज और राजनीति दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। यह न केवल सामाजिक न्याय का प्रतीक है, बल्कि राजनीतिक दलों के लिए भी एक बड़ा हथियार है। राहुल गांधी के बयान के बाद से इस मुद्दे पर राजनीति और भी गरमा गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावों में आरक्षण का मुद्दा प्रमुख रहेगा और राजनीतिक दल इसे अपने-अपने तरीकों से भुनाने की कोशिश करेंगे।
आरक्षण को लेकर जारी यह बहस दिखाती है कि कैसे यह मुद्दा भारत की राजनीतिक दिशा को प्रभावित करता है। जहां एक ओर कांग्रेस आरक्षण को लेकर अपनी नीति पर जोर दे रही है, वहीं भाजपा और उसके सहयोगी दल इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की कोशिश में लगे हैं।
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