राजनीति

बसपा ने आगामी चुनावों के लिए कमर कसी, आकाश आनंद निभाएंगे अहम भूमिका

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने हरियाणा विधानसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश के उपचुनावों के लिए अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि मायावती के भतीजे आकाश आनंद इन अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहे हैं। उन्हें हरियाणा चुनावों के लिए पार्टी के स्टार प्रचारकों में शामिल किया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश के उपचुनावों की देखरेख की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है।
आकाश आनंद की बढ़ती भूमिका
एमबीए की डिग्री हासिल कर चुके आकाश आनंद ने 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान अपने जोशीले भाषणों से काफी सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि, उनके कुछ भाषणों के चलते एफआईआर भी दर्ज हुई और उन्हें अस्थायी रूप से राष्ट्रीय समन्वयक के पद से हटा दिया गया था। मगर पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद मायावती ने उन्हें दोबारा बहाल कर दिया। अब उनके भाषणों में और भी नपा-तुलापन देखने को मिल रहा है, जिससे वह युवा मतदाताओं को आकर्षित करने में कामयाब हो रहे हैं।
 युवा मतदाताओं से जुड़ने की कोशिश
आकाश आनंद अब शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित हो रहे हैं। उनकी भागीदारी बसपा के लिए नई ऊर्जा का संचार कर रही है, जिससे पार्टी के नेता आगामी चुनावों को लेकर काफी आशान्वित हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि आकाश की युवा मतदाताओं से जुड़ने और उन्हें पार्टी की ओर आकर्षित करने की क्षमता बीएसपी के चुनावी भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।
 मायावती का उत्तराधिकारी
ज्ञात हो कि आकाश आनंद मायावती के सबसे छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं। 2017 में लंदन से पढ़ाई पूरी कर वह बसपा के कामकाज में शामिल हुए थे और उसी साल सहारनपुर में दलित-ठाकुर संघर्ष के समय मायावती के साथ खड़े नजर आए थे। 2019 से वे बसपा के नेशनल को-ऑर्डिनेटर के तौर पर काम कर रहे हैं, और 2023 में मायावती ने उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था।
 आगामी चुनावों की बड़ी परीक्षा
हरियाणा विधानसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश के उपचुनाव बसपा के लिए आकाश आनंद के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण परीक्षा होंगे। उनकी भागीदारी और नेतृत्व बसपा के चुनावी अभियान में नई जान फूंक सकता है, जिससे पार्टी के भविष्य के राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा प्रभाव पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
आगामी चुनाव बसपा के लिए सिर्फ सत्ता की लड़ाई ही नहीं हैं, बल्कि यह देखना भी अहम होगा कि आकाश आनंद की युवा नेतृत्व की शैली पार्टी को कितना आगे ले जा पाती है।

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