क्राइम
वाराणसी: लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में दलाल डॉक्टर बनकर लिख रहा था दवाएं, CMS ने रंगे हाथों पकड़ा

वाराणसी के रामनगर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में दलालों की सक्रियता ने चिकित्सा व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। अस्पताल में एक दलाल को डॉक्टर बनकर मरीजों की पर्ची पर दवाएं लिखते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह चौंकाने वाली घटना बृहस्पतिवार शाम को सामने आई, जब अस्पताल के सीएमएस डॉ. गिरीश द्विवेदी ने औचक निरीक्षण के दौरान सुसुवाही निवासी एक व्यक्ति को फर्जी डॉक्टर बनकर काम करते हुए पकड़ा और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
दलालों की बढ़ती सक्रियता
अस्पताल में दलालों की सक्रियता की शिकायतें पिछले कुछ दिनों से मिल रही थीं। मरीजों को बाहर की दवाइयां लिखकर, दलाल अस्पताल में अवैध रूप से पैसा कमा रहे थे। इस स्थिति से निपटने के लिए सीएमएस द्वारा औचक निरीक्षण किया गया, जहां यह मामला उजागर हुआ।
चेतावनी और सख्त कदम
सीएमएस डॉ. द्विवेदी ने इस घटना के बाद कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था में दलालों की एंट्री को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पकड़े गए व्यक्ति ने दोबारा ऐसी हरकत न करने की माफी मांगी, जिसके बाद उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन ने सीसीटीवी से निगरानी बढ़ाने और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
दलालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ओपीडी से लेकर वार्ड तक सभी जगहों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और मरीजों को सही उपचार मिल सके।
अस्पताल में दलालों की बढ़ती सक्रियता पर नकेल कसने के लिए यह कदम बेहद जरूरी साबित हो रहा है, जिससे मरीजों को बेहतर और सुरक्षित चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
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