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कन्नौज में भीषण बस हादसा: तेज रफ्तार स्लीपर बस पलटी, 38 यात्री घायल

कन्नौज, शनिवार – आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार रात एक भीषण बस हादसा हुआ जिसमें 38 यात्री घायल हो गए। गोंडा से दिल्ली जा रही तेज रफ्तार स्लीपर बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) और पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को तुरंत नजदीकी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। राहत की बात यह है कि सभी घायलों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
 हादसे का विवरण
घटना कन्नौज जिले के कोतवाली क्षेत्र के पचोर गांव के पास स्थित कट 185 पर हुई, जब बस अपनी तेज रफ्तार के चलते ड्राइवर के नियंत्रण से बाहर हो गई और डिवाइडर से टकरा गई। बस में सवार यात्रियों ने हादसे के दौरान जबरदस्त झटके महसूस किए, जिसके बाद बस पलट गई और यात्री फंसे हुए थे। हादसे के समय बस में कुल 38 लोग सवार थे, जो सभी घायल हो गए।
 घायलों की हालत सामान्य
हादसे की सूचना मिलते ही यूपीडा और पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को कन्नौज के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी गई। कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि सभी घायलों की हालत अब स्थिर है और उन्हें अन्य वाहनों से उनके गंतव्य तक पहुंचाने का प्रबंध किया जा रहा है।
 पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को सुरक्षित रूप से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। यात्री इस अप्रत्याशित दुर्घटना से बेहद सहमे हुए थे, लेकिन स्थानीय प्रशासन की सक्रियता के चलते किसी गंभीर हानि से बचा लिया गया। कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, “घटना में सभी घायलों की स्थिति सामान्य है। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी यात्रियों को सही तरीके से उनके घर भेजा जा सके।”
 हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बस की तेज रफ्तार और ड्राइवर का वाहन से नियंत्रण खो देना इस हादसे का मुख्य कारण है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अक्सर वाहनों की तेज गति के कारण हादसे होते रहते हैं, और यह हादसा भी उसी कड़ी में एक और उदाहरण है। पुलिस ने ड्राइवर और बस के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, और जांच की जा रही है कि क्या कोई तकनीकी खामी भी इस हादसे का कारण थी।
 यात्री सुरक्षा पर सवाल
इस तरह की लगातार दुर्घटनाओं ने एक्सप्रेसवे पर यात्री सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार द्वारा एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति पर नियंत्रण रखने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, लेकिन फिर भी तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे। यात्रियों ने मांग की है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए और सख्त उपाय किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
 प्रशासन की अपील
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एक्सप्रेसवे पर यात्रा करते समय अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और गाड़ी की गति नियंत्रित रखें। यात्रियों को भी चाहिए कि वे ड्राइवरों से सुरक्षित यात्रा के लिए आग्रह करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।
यह हादसा एक और चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यात्री सुरक्षा के लिए तेज रफ्तार और असावधानी को रोकना अत्यंत आवश्यक है।

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