उत्तर प्रदेश

बलरामपुर के पूर्व सपा विधायक आरिफ अनवर हाशमी पर ईडी का शिकंजा, 8.24 करोड़ की संपत्तियां जब्त

लखनऊ: बलरामपुर की उतरौला सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी और उनकी पत्नी रोजी सलमा पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा कसता जा रहा है। ईडी ने पूर्व विधायक और उनकी पत्नी की कुल 21 संपत्तियों को जब्त कर लिया है, जिनकी अनुमानित कीमत 8 करोड़ 24 लाख रुपये बताई जा रही है।
ईडी की कार्रवाई में जब्त संपत्तियां
ईडी द्वारा जब्त की गई इन संपत्तियों में लखनऊ, बलरामपुर, और गोंडा में स्थित कई बेशकीमती कमर्शियल प्लॉट, फार्म हाउस और फ्लैट शामिल हैं। यह संपत्तियां हाशमी और उनकी पत्नी के नाम पर थीं और ईडी ने इन संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत जब्त किया है।
मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
सूत्रों के मुताबिक, आरिफ अनवर हाशमी पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं, जिसमें उनकी संपत्ति को अवैध रूप से हासिल किया गया बताया जा रहा है। ईडी की जांच में सामने आया है कि ये संपत्तियां हाशमी और उनके परिवार द्वारा बेनामी लेन-देन और अवैध गतिविधियों के जरिए जुटाई गई थीं। इसके बाद ईडी ने इन संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की।
आगे की जांच जारी
ईडी की इस कार्रवाई के बाद हाशमी और उनके परिवार पर दबाव और बढ़ गया है। सूत्रों का कहना है कि ईडी की जांच अभी भी जारी है, और आने वाले दिनों में और भी संपत्तियां जब्त हो सकती हैं। ईडी के अधिकारी अन्य संदिग्ध संपत्तियों और लेन-देन की भी जांच कर रहे हैं, जिससे हाशमी और उनके परिवार पर कानूनी शिकंजा और कस सकता है।
राजनीतिक हलचल
इस मामले में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। सपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है, जबकि भाजपा ने इसे कानून का पालन बताते हुए सपा पर निशाना साधा है। सपा के प्रवक्ताओं का कहना है कि यह कार्रवाई विपक्षी नेताओं को बदनाम करने और दबाव में लाने के लिए की जा रही है।
संपत्तियों की विस्तृत जानकारी
ईडी ने जब्त की गई संपत्तियों की जानकारी साझा की है, जिनमें बलरामपुर में कुछ प्रमुख कमर्शियल प्लॉट और लखनऊ में स्थित एक फार्महाउस प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह संपत्तियां राज्य के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में स्थित हैं, जिससे इनकी बाजार में काफी ऊंची कीमत बताई जा रही है।आरिफ अनवर हाशमी पर ईडी की यह कार्रवाई उनकी राजनीतिक छवि के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध संपत्तियों के मामले में यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है, जिससे सपा के पूर्व विधायक की मुश्किलें और बढ़ने की संभावना है।

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