उत्तर प्रदेश

बाजारों में बिक रहे प्रतिबंधित चीनी लहसुन का मामला गर्माया, हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

चाइनीज लहसुन का मुद्दा देशभर में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को तलब करते हुए पूछा कि प्रतिबंधित चीनी लहसुन अब भी बाजारों में कैसे बिक रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने सरकार से इस पर जवाब मांगा है।

 चीनी लहसुन पर प्रतिबंध के बावजूद क्यों बिक रहा है?
इस मुद्दे ने तब जोर पकड़ा जब मोतीलाल यादव नामक वकील ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि चीनी लहसुन के हानिकारक प्रभावों के कारण इस पर देशभर में प्रतिबंध है, फिर भी यह बाजारों में आसानी से उपलब्ध है। अदालत में सुनवाई के दौरान वकील ने चीनी लहसुन और देसी लहसुन के बीच अंतर दिखाने के लिए करीब आधा किलो चीनी लहसुन अदालत में पेश किया।

हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से भी सवाल किया कि प्रतिबंध के बावजूद देश में चाइनीज लहसुन के प्रवेश को रोकने के लिए क्या सटीक व्यवस्था की गई है और इसके स्रोत का पता लगाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

 क्यों खतरनाक है चीनी लहसुन?
चाइनीज लहसुन को स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस लहसुन में फंगस और कीटनाशकों का उच्च स्तर पाया जाता है, जिससे पेट की गंभीर बीमारियों, अल्सर और संक्रमण का खतरा होता है। इस पर कीटनाशक के रूप में मेथाइल ब्रोमाइड का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत के लिए घातक है। इसके सेवन से किडनी से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। इसके बावजूद, चीनी लहसुन सस्ते होने के कारण बाजारों में धड़ल्ले से बेचा जा रहा है, क्योंकि इससे ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है।

 भारतीय और चाइनीज लहसुन में कैसे करें अंतर?
भारतीय और चाइनीज लहसुन में अंतर पहचानना ज्यादा मुश्किल नहीं है। चीनी लहसुन का रंग हल्का सफेद या हल्का गुलाबी होता है, जबकि भारतीय लहसुन का रंग सफेद या क्रीम कलर का होता है। इसके अलावा, देसी लहसुन आकार में छोटा और उसकी गंध तीखी होती है, वहीं चीनी लहसुन की गंध हल्की होती है।

 महाराजगंज में चीनी लहसुन की जब्ती
मामला सामने आने के बाद कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में छापेमारी के दौरान कई कुंतल चीनी लहसुन जब्त किया गया है। यह बताता है कि बाजार में इस प्रतिबंधित लहसुन की पहुंच अब भी बनी हुई है। चीनी लहसुन का मुद्दा केवल स्वास्थ्य से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह देश की खाद्य सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद है कि इस मामले में सरकार जल्द ही कठोर कदम उठाएगी ताकि बाजारों से इस हानिकारक लहसुन की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।

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