(FILES) In this file photo taken on February 1, 2020, India's Home Minister Amit Shah gestures as he arrives at the Parliament House in New Delhi. - Indias powerful Home Minister Amit Shah -- Prime Minister Narendra Modi's right-hand man tweeted on August 2 that he had tested positive for the coronavirus and admitted himself to hospital on the advice of doctors even though my health is fine. (Photo by Prakash SINGH / AFP)
जम्मू: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से हथियार छोड़ने और सरकार से बातचीत के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान के साथ कोई संवाद या सीमापार व्यापार नहीं होगा। अगले सप्ताह होने वाले तीसरे चरण के चुनाव से पहले, शाह ने पांच रैलियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस, और पीडीपी जैसी वंशवादी पार्टियों पर हमला बोला। उनका कहना था कि इन पार्टियों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दिया, जिसे भाजपा ने खत्म किया और इसे दोबारा लौटने नहीं दिया जाएगा।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को पूरा किया
अमित शाह ने भाजपा के सत्ता में आने पर जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाने का वादा करते हुए आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन सत्ता में आने पर पाकिस्तान का एजेंडा लागू करेगा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उस सपने को साकार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे।” शाह ने याद दिलाया कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर में बदलाव की नींव रखी गई थी।
आतंकवादियों को दी चेतावनी
गृह मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाएगा, उसे फांसी दी जाएगी। उन्होंने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु का हवाला देते हुए कहा, “नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस अब कह रहे हैं कि अफजल गुरु को फांसी नहीं दी जानी चाहिए थी।” शाह ने उमर अब्दुल्ला पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे पत्थरबाजों और आतंकवादियों को रिहा करना चाहते थे, लेकिन भाजपा सरकार ने ऐसे कानून लागू किए हैं कि अब कोई पत्थरबाजी करने की हिम्मत नहीं करेगा।
शाह ने जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों से हथियार डालने की अपील की और कहा, “अगर वे सरकार से बात नहीं करना चाहते, तो उन्हें सुरक्षा बलों के हाथों मारे जाने के लिए तैयार रहना चाहिए।”
मोदी सरकार के बाद नहीं हुए धमाके
अमित शाह ने कहा कि यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जम्मू-कश्मीर ने करीब 40 साल तक आतंकवाद की छाया में समय बिताया है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के आने के बाद जम्मू-कश्मीर में कोई पत्थरबाजी, गोलीबारी या बम विस्फोट नहीं हुआ। शाह ने नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और पीडीपी पर आरोप लगाया कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद में धकेल दिया, जिससे 35 सालों में 40,000 लोगों की जान गई और 3,003 दिन कर्फ्यू रहा।
हरियाणा में चुनावी सभाएं
अमित शाह आज शुक्रवार को हरियाणा में भी चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। भाजपा ने हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए भी पूरी तैयारी कर ली है। शाह आज रेवाड़ी, मुलाना और लाडवा में जनसभाओं को संबोधित करेंगे, जिसमें पार्टी का चुनावी अभियान और तेज होगा।
अमित शाह के इन बयानों और चुनावी रैलियों से भाजपा के चुनावी एजेंडे को मजबूती मिली है। अब देखना यह होगा कि जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में जनता का क्या रुख रहता है।