बिहार के हाजीपुर में मोबाइल लाइट की रोशनी में कराई गई महिला की डिलीवरी

हाजीपुर: बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का एक और मामला सामने आया है, जहां हाजीपुर के सरकारी अस्पताल में एक महिला की डिलीवरी मोबाइल की लाइट में कराई गई। यह घटना स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और लापरवाही को उजागर करती है।
मोबाइल लाइट में डिलीवरी, अस्पताल में बिजली गुल
मामला हाजीपुर के शादी प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। बीती रात लगभग 1:30 बजे दर्द से कराहती महिला पार्वती देवी अपने परिवार के साथ अस्पताल पहुंची। अस्पताल में कोई बिजली नहीं थी, और चारों ओर अंधेरा फैला हुआ था। हालांकि, डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी वहां मौजूद थे। महिला की हालत देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन बिजली न होने के कारण उन्होंने मोबाइल और टॉर्च की लाइट की मदद से डिलीवरी कराई।
अस्पताल की लचर व्यवस्था
इस घटना ने हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उद्घाटन किए गए इस नए अस्पताल भवन की खामियों को उजागर कर दिया है। अस्पताल में बिजली और पानी की समस्या कोई नई बात नहीं है। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि बिजली की समस्या की शिकायत कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। आशा कुमारी, जो कि अस्पताल की कर्मचारी हैं, ने मीडिया के सामने अस्पताल की लापरवाही को उजागर किया। उन्होंने कहा, “हमने कई बार अधिकारियों को इसकी सूचना दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।”
अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
अस्पताल के डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि बिजली की कमी के बावजूद, मरीजों का इलाज किसी तरह किया जा रहा है। मामले के तूल पकड़ने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस पर जांच शुरू की है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की बात कही जा रही है।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल
यह घटना बिहार की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस अस्पताल को नई बिल्डिंग में शिफ्ट करके कुछ ही दिनों पहले उद्घाटन किया गया था, वहां बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का न होना चिंताजनक है। इस घटना ने एक बार फिर से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा को उजागर कर दिया है।
अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोषी कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होती है।
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