प्रयागराज: पूर्व विधायक नीलम करवरिया के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके जेठ, पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया, और देवर, पूर्व विधान परिषद सदस्य सूरजभान करवरिया को तीन दिनों की पैरोल मिल गई है। दोनों को शनिवार को नैनी जेल से रिहा किया जाएगा।
जिला न्यायालय का आदेश
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता और सुरेंद्र सिंह की अदालत ने उदयभान और सूरजभान की अपील पर सुनवाई करते हुए उन्हें 28 सितंबर से एक अक्तूबर तक शाम चार बजे तक की पेरोल पर छोड़ने का आदेश दिया है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस की तैनाती की जाएगी।
नीलम करवरिया का अंतिम सफर
नीलम करवरिया का निधन बृहस्पतिवार की देर रात हुआ। उन्हें लिवर संबंधी बीमारी के चलते हैदराबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी स्थिति बिगड़ने पर उन्होंने शुक्रवार रात 11 बजे अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को पहले मेजा और फिर कल्याणी देवी स्थित उनके निवास पर लाया गया। अंतिम संस्कार शनिवार को रसूलाबाद घाट पर किया जाएगा।
राजनीतिक व्यक्तियों का समर्पण
शुक्रवार की शाम को कल्याणी देवी स्थित निवास पर शव पहुंचने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद, विधायक और अन्य नेता वहां पहुंचे और दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
नीलम करवरिया की राजनीतिक यात्रा
2017 में भाजपा के उम्मीदवार के रूप में मेजा से विधानसभा चुनाव जीतकर नीलम करवरिया ने विधायक का पद ग्रहण किया था। उनके निधन से न केवल उनके परिवार में, बल्कि पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले नेता और कार्यकर्ता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एकत्रित होंगे।