देशभर में तेजी से बढ़ती साइबर अपराध की घटनाओं पर काबू पाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ऑपरेशन चक्र-3 के तहत सीबीआई ने कई राज्यों में छापेमारी करते हुए 26 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो दुनियाभर में लोगों को ठगने के आरोपी हैं। यह अभियान साइबर अपराध के संगठनों पर नकेल कसने के उद्देश्य से चलाया गया, जिसमें एक ही दिन में कई जगहों पर बड़ी कार्रवाई की गई।
कई राज्यों में छापेमारी, अपराधियों पर शिकंजा
सीबीआई ने बीते गुरुवार को देश के 32 स्थानों पर छापेमारी की। इन स्थानों में पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और विशाखापत्तनम जैसे प्रमुख शहर शामिल थे। इस कार्रवाई के दौरान 58.45 लाख रुपये नकद, कई लॉकर की चाबियां और तीन लग्जरी गाड़ियां भी बरामद की गईं। इसके साथ ही सीबीआई ने चार कॉल सेंटर्स पर भी छापेमारी की, जो साइबर अपराध की गतिविधियों में शामिल पाए गए।
चार कॉल सेंटर्स पर कार्रवाई
सीबीआई की इस छापेमारी में जिन चार प्रमुख कॉल सेंटर्स को निशाना बनाया गया, उनमें शामिल हैं:
1. पुणे का वी.सी इंफोर्मेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड
2. विशाखापत्तनम का इंफोर्मेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड
3. हैदराबाद का वायजेक्स सॉल्यूशन
4. विशाखापत्तनम का अत्रिया ग्लोबल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड
इन कॉल सेंटर्स पर यह आरोप है कि ये बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी में लिप्त थे, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे थे।
साइबर अपराधियों का संगठित नेटवर्क
छापेमारी के दौरान सीबीआई को पता चला कि गिरफ्तार किए गए साइबर अपराधी एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो लोगों को फोन और इंटरनेट के जरिए ठगते थे। ये अपराधी फर्जी वेबसाइट्स और ऑनलाइन स्कैम्स के जरिए लोगों को निशाना बनाते थे और उनसे मोटी रकम ऐंठते थे। सीबीआई की इस कार्रवाई से साइबर अपराध के खिलाफ एक कड़ा संदेश गया है और सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश में ऐसे अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर कड़ी नजर रखते हुए सीबीआई की यह कार्रवाई ऑपरेशन चक्र-3 के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी जीत मानी जा रही है। सरकार और जांच एजेंसियों द्वारा इस तरह के अभियानों से उम्मीद है कि साइबर अपराध पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।