पटना: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलचल मचा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘हनुमान’ कहे जाने वाले चिराग पासवान ने साफ किया कि यदि उन्हें कहीं भी अपने समाज के लोगों के साथ हो रही कोई परेशानी दिखी, तो वे एक मिनट में मंत्री पद त्यागने के लिए तैयार हैं।
एससी-एसटी प्रकोष्ठ के अभिनंदन समारोह में बयान
यह टिप्पणी चिराग पासवान ने पटना के एसके मेमोरियल हॉल में पार्टी के एससी-एसटी प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान की। सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए चिराग ने साफ किया कि चाहे वे किसी भी गठबंधन में हों या किसी भी पद पर हों, यदि उन्हें लगेगा कि संविधान या आरक्षण के साथ खिलवाड़ हो रहा है, तो वे उसी पल मंत्री पद को त्याग देंगे।
उन्होंने कहा, “जैसे मेरे पिता रामविलास पासवान ने एक मिनट में मंत्री पद त्याग दिया था, वैसे ही मैं भी एक मिनट में त्याग दूंगा।” चिराग ने अपने पिता के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा अपने समाज के हक और सम्मान की लड़ाई लड़ते रहेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ, पर कड़ा संदेश
चिराग पासवान ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने लैटरल एंट्री में आरक्षण के मामले पर उनकी बात सुनी और इसे सही तरीके से लागू करने का आश्वासन दिया। साथ ही, क्रीमी लेयर के मामले पर भी पीएम मोदी ने कहा कि यह लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चाहे कोई उनका कितना भी विरोध करे, वे हमेशा अपने समाज के लोगों के साथ खड़े रहेंगे और उनके हक के लिए लड़ते रहेंगे।
चाचा पशुपति पारस पर निशाना
चिराग पासवान ने अपने चाचा और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पशुपति पारस पर भी इशारों-इशारों में निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वे अपने पिता की सोच को आगे बढ़ा रहे हैं। चिराग ने कहा, “जो लोग मुझे खत्म करना चाहते हैं, वे भूल जाते हैं कि मैं शेर का बेटा हूं। मैं किसी के सामने झुकने वाला नहीं हूं, और किसी से डरता भी नहीं हूं।”
बड़ी रैली की घोषणा
चिराग पासवान ने इस अवसर पर यह भी घोषणा की कि उनकी पार्टी का स्थापना दिवस 28 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में मनाया जाएगा, जहां एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। यह रैली चिराग के नेतृत्व में पार्टी के भविष्य की दिशा और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और मजबूती से दिखाएगी। चिराग पासवान का यह बयान उनके समाज के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो उनकी पार्टी और उनके पिता रामविलास पासवान की विरासत से जुड़ा हुआ है। यह बयान उनके राजनीतिक विरोधियों के लिए भी एक सख्त संदेश है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने उसूलों से समझौता नहीं करेंगे।