क्राइम
मां का कत्ल कर खा गया एक-एक अंग, कोर्ट ने कहा- ऐसे नरभक्षी बेटे को मौत की सजा ही होनी चाहिए

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक दिल दहलाने वाले मामले में अपनी मां की हत्या कर उसके अंग खाने वाले बेटे को दोषी करार देते हुए उसकी मौत की सजा को बरकरार रखा। यह खौफनाक घटना साल 2017 की है, जब महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक बेटे ने अपनी मां की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शरीर को कई टुकड़ों में काटकर अंगों को पकाकर खा गया।
हत्या के बाद अंगों को पकाकर खाया
कोल्हापुर में सात साल पहले हुई इस वारदात ने पूरे देश को झकझोर दिया था। आरोपी ने न केवल अपनी मां की हत्या की, बल्कि उसकी लाश के टुकड़े-टुकड़े कर उसके मस्तिष्क, हृदय, यकृत, गुर्दे और आंतों को पकाकर खा लिया। कोल्हापुर की जिला अदालत ने आरोपी बेटे सुनील कुचकोरवी को इस घिनौने अपराध के लिए दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी। मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा, जहां मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए मौत की सजा को सही ठहराया।
नरभक्षी बेटे को पकड़ा गया दिल निकालते हुए
अदालती कार्यवाही के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी बेटे को तब गिरफ्तार किया गया जब वह अपनी मां की लाश से दिल निकालकर उसे पकाने की तैयारी कर रहा था। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि सुनील कुचकोरवी ने अपनी मां की हत्या तब की, जब उसने शराब खरीदने के लिए पैसे देने से मना कर दिया।
‘दुर्लभतम में से दुर्लभतम’ मामला
बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने इस मामले को दुर्लभतम में से दुर्लभतम श्रेणी का करार दिया। अदालत ने कहा कि दोषी ने न केवल अपनी मां की हत्या की, बल्कि उसके अंगों को पकाकर खा लिया, जो जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। खंडपीठ ने कहा कि आरोपी में सुधार की कोई संभावना नहीं है, इसलिए उसकी मौत की सजा कम नहीं की जा सकती।
कोर्ट की सख्त चेतावनी
अदालत ने यह भी कहा कि अगर आरोपी की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदला जाता है, तो वह जेल में भी इस तरह का अपराध कर सकता है। हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि ऐसे अपराधी को आजीवन कारावास देना समाज के लिए खतरा होगा। आरोपी सुनील कुचकोरवी फिलहाल पुणे की यरवदा जेल में बंद है, और उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में शर्मनाक घटना: सहायक चालक ने युवती से की छेड़छाड़



