महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) द्वारा हाल ही में शुरू की गई ‘शिवनेरी सुंदरी’ योजना पर विवाद गहराता जा रहा है। पुणे से मुंबई के बीच चलने वाली शिवनेरी ई-बसों में यात्रियों को हवाई यात्रा जैसा अनुभव देने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की गई, जिसमें एयर होस्टेस की तर्ज पर परिचारिकाओं को नियुक्त किया जा रहा है। इस पहल के बाद महाराष्ट्र में कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है और सरकार से बसों और बस स्टेशनों की स्थिति सुधारने पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है।
एमएसआरटीसी की सफाई
कांग्रेस के विरोध के बाद MSRTC के चेयरमैन भरत गोगावले ने इस फैसले की सफाई देते हुए कहा कि यात्रियों को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा, “यात्रियों को हवाई यात्रा जैसा आतिथ्य प्रदान करने के लिए शिवनेरी बसों में ‘शिवनेरी सुंदरी’ को नियुक्त किया जाएगा। ये परिचारिकाएं बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देंगी।”
गोगावले ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना का उद्देश्य 200 किलोमीटर लंबे और व्यस्त मुंबई-पुणे मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को आरामदायक और प्रीमियम सेवाएं प्रदान करना है। उनका कहना है कि यह पहल यात्रियों को संतुष्ट करने और सार्वजनिक परिवहन को अधिक आकर्षक बनाने के लिए की जा रही है।
विपक्ष की आलोचना
इस योजना को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब राज्य की बसों और स्टेशनों की हालत जर्जर है, तब सरकार को इन मूलभूत मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वडेट्टीवार ने सरकार के इस फैसले को “अनावश्यक और गैर-प्राथमिकता” वाला बताया। उनका मानना है कि राज्य की परिवहन व्यवस्था में सुधार की बजाय इस तरह के फैसलों से आम लोगों को कोई खास फायदा नहीं होगा।
कांग्रेस की अपील
कांग्रेस ने इस योजना पर सवाल उठाते हुए एमएसआरटीसी से आग्रह किया कि वह बसों और बस स्टेशनों की स्थिति सुधारने पर जोर दे। कांग्रेस का तर्क है कि राज्य की सड़कों पर चलने वाली कई बसें जर्जर हालत में हैं और यात्रियों को सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, ‘शिवनेरी सुंदरी’ जैसी योजनाओं पर जोर देने के बजाय बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान देना चाहिए।
गोगावले का दृष्टिकोण
हाल ही में एमएसआरटीसी प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने वाले भरत गोगावले के लिए ‘शिवनेरी सुंदरी’ योजना उनका पहला बड़ा निर्णय है। उन्होंने बताया कि यह कदम यात्रियों की सुविधा और सेवा गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए लिया गया है। उनके अनुसार, यह योजना यात्रियों को एक बेहतर और प्रीमियम अनुभव देने के लिए है, जिससे लोग सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें।
इस विवाद के बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि एमएसआरटीसी इस योजना को कैसे लागू करता है और क्या यह विवाद यात्रियों के नजरिए पर कोई प्रभाव डालता है।