तेहरान: ईरान में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां जहरीली शराब के सेवन से कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। इस घटना के बाद 100 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। ईरान में शराब पर सख्त प्रतिबंध के बावजूद इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे सरकार के प्रयासों पर सवाल उठने लगे हैं |
ईरान में शराब पर सख्त प्रतिबंध, फिर भी जारी तस्करी
साल 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान में शराब पर पूरी तरह से पाबंदी है। कट्टरपंथी इस्लामवादियों के सत्ता में आने के बाद शराब का उत्पादन, बिक्री, और सेवन गैरकानूनी कर दिया गया। इसके बावजूद, ईरान में शराब की तस्करी और अवैध रूप से शराब बनाने का चलन बढ़ा है। लोग शराब तस्करों से खरीदते हैं या निजी उपभोग के लिए घर पर शराब बनाते हैं, जिससे जहरीली शराब की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
शराब से होने वाली मौतों में वृद्धि
हाल के वर्षों में ईरान में जहरीली शराब के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। **2020 में, जहरीली शराब के कारण 700 से अधिक लोगों की मौत** हो गई थी। इसके अलावा, **पिछले साल 2023 में अक्टूबर के आसपास भी जहरीली शराब पीने से 40 लोगों की मौत** हुई थी, जबकि करीब 300 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। यह घटनाएं स्पष्ट करती हैं कि शराब पर कानूनी प्रतिबंध के बावजूद जमीनी स्तर पर इसका सेवन रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
ताजा घटना ने बढ़ाई चिंता
इस बार की घटना ने एक बार फिर से ईरान में जहरीली शराब के बढ़ते खतरों पर प्रकाश डाला है। विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध रूप से तैयार की गई शराब में मिलाए जाने वाले जहरीले तत्व, जैसे कि मिथेनॉल, स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक होते हैं। इन तत्वों के सेवन से लोगों की जान तक चली जाती है।
सरकार की चुनौती और उपाय
ईरान की सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है कि किस तरह से शराब के अवैध व्यापार और तस्करी पर काबू पाया जाए। कई लोग निजी उपभोग के लिए घरों में शराब बनाते हैं, लेकिन इसका नियंत्रण करना मुश्किल साबित हो रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर से ईरान में शराब की समस्या को उजागर किया है। सरकार को अब कड़े कदम उठाने की जरूरत है ताकि जहरीली शराब से होने वाली मौतों को रोका जा सके।