लखनऊ – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्योहारों के मद्देनजर राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी जाति, मत, मजहब या संप्रदाय से जुड़े देवी-देवताओं, महापुरुषों, या साधु-संतों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी अस्वीकार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति आस्था का अपमान करेगा, तो उसे कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि विरोध के नाम पर अराजकता, तोड़फोड़ या आगजनी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “अगर कोई अराजकता फैलाने का दुस्साहस करेगा, तो उसे उसकी कीमत चुकानी होगी।”
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शारदीय नवरात्रि और विजयदशमी के पर्व शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों। इसके लिए हर जनपद और थाने को अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करनी होगी। माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कहा कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और पीआरवी 112 की गश्त को तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित होनी चाहिए, और इसके लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।
योगी आदित्यनाथ के इस सख्त रुख के बाद प्रशासन को यह निर्देश दिए गए हैं कि वह किसी भी तरह की अस्थिरता या अराजकता की स्थिति से सख्ती से निपटे।