अमरोहा, उत्तर प्रदेश – अमरोहा जिले में हुए दिल दहला देने वाले तेजाब हमले में घायल आठवीं कक्षा की छात्रा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना से परिवार और स्थानीय समुदाय में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
रहरा थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार रात को यह भयावह घटना घटी। किसान परिवार की बेटी रात करीब तीन बजे लघुशंका के लिए उठी थी, जब दरवाजे पर किसी ने आवाज दी। छात्रा ने जैसे ही खिड़की खोली, गांव के ही रहने वाले पिता-पुत्र ने उसे पकड़ लिया। वे छात्रा को जंगल में ले गए, जहां पहले उसकी पिटाई की और फिर बेरहमी से उसके शरीर पर तेजाब डाल दिया। इस हमले में छात्रा का 60 प्रतिशत शरीर झुलस गया था।
घायल अवस्था में छात्रा किसी तरह घर पहुंची और अपने परिजनों को आपबीती बताई। यह सुनते ही परिवार घबरा गया और बिना पुलिस को सूचित किए, उसे मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस कार्रवाई के अभाव में उसे तत्काल इलाज नहीं मिल सका।
परिवार का दर्द और पुलिस की कार्रवाई
छात्रा के परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे, जहां पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और छात्रा को सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्भाग्य से, सोमवार की रात को उपचार के दौरान छात्रा ने दम तोड़ दिया।
छात्रा की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उसकी दर्दनाक चीखें अब भी परिवार के कानों में गूंज रही हैं। घटना से गांव और आसपास के क्षेत्रों में भी शोक और आक्रोश का माहौल है।
आरोपियों की गिरफ्तारी
इस मामले में छात्रा के भाई ने पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही रहने वाले एक पिता-पुत्र को आरोपित किया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच कर रहे सीओ दीप कुमार पंत ने बताया, “झुलसी छात्रा की मेरठ में उपचार के दौरान मौत हो गई है। शव का पोस्टमार्टम मेरठ में ही कराया जा रहा है और शाम तक शव गांव पहुंचने की संभावना है।”
समाज में आक्रोश
इस अमानवीय घटना से इलाके में आक्रोश की लहर है। लोग तेजाब हमले की इस क्रूरता से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवार के साथ न्याय की मांग कर रहे हैं। तेजाब हमलों पर सख्त कानून और उनके त्वरित क्रियान्वयन की आवश्यकता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।