क्राइम

आगरा में 25 मिनट के खूनी संघर्ष से फैली दहशत: खेतों में दो भाइयों की बेरहमी से हत्या, पुलिस पहुंचने में हुई देरी

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के थाना खंदौली क्षेत्र के गांव गुड़ा में मंगलवार को हुए 25 मिनट के खूनी संघर्ष ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। खेतों में कुल्हाड़ी और फावड़े से किए गए ताबड़तोड़ हमलों में दो भाइयों की निर्मम हत्या कर दी गई। इस भयानक घटना ने गांव वालों के दिलों में खौफ भर दिया, जहां खून से सने लोग और मृतकों की लाशें देखकर हर कोई दहल उठा।
खूनी संघर्ष की शुरुआत
घटना सुबह करीब 9:30 बजे की है, जब रघुवीर सिंह अपने दो बेटों, अनिल और विनय, के साथ ट्रैक्टर लेकर खेतों की ओर जा रहे थे। उसी समय, गांव के ही बेताल और उसके परिवार के लोगों ने रघुवीर को उनके खेत से ट्रैक्टर निकालने से मना किया। इस बात पर दोनों के बीच बहस हो गई। बेताल और उसके साथियों ने रघुवीर और उनके परिवार पर अचानक कुल्हाड़ी और फावड़े से हमला बोल दिया।
चीख-पुकार और हिंसा का खौफनाक मंजर
हमले के दौरान रघुवीर सिंह की चीखें सुनकर उनके भाई सत्यपाल, देवानंद और देवानंद की पत्नी सरोज बचाने के लिए दौड़े, लेकिन बेताल पक्ष ने उन पर भी हमला कर दिया। रघुवीर पर किए गए हमले से उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सत्यपाल और सरोज को भी बुरी तरह से घायल कर दिया गया।
घटना के बाद ग्रामीण जब तक मौके पर पहुंचे, आरोपी फरार हो चुके थे। घायल सत्यपाल को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि सरोज और देवानंद का इलाज अभी भी चल रहा है।
पुलिस की देरी और गांव का कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस को सूचित किया गया, लेकिन पुलिस को मौके पर पहुंचने में दो घंटे लग गए। इस दौरान गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर पहुंचती, तो शायद कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
पुराने जमीन विवाद से बढ़ी रंजिश
घटना का मूल कारण रघुवीर और बेताल के बीच 72 बीघा खेत पर लंबे समय से चल रहा विवाद बताया जा रहा है। दोनों परिवारों के बीच जमीन का हिस्सा आधिकारिक तौर पर विभाजित नहीं किया गया था, लेकिन आपसी सहमति से दोनों अपने-अपने हिस्से की खेती कर रहे थे। रघुवीर को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए बेताल के खेत से होकर जाना पड़ता था, जो लंबे समय से विवाद की जड़ बना हुआ था। मंगलवार को इसी रास्ते को लेकर हुए झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया और इस खूनी संघर्ष में रघुवीर और उनके भाई की जान चली गई।
आरोपियों पर मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी की कोशिशें जारी
इस जघन्य हत्याकांड के बाद मृतक रघुवीर के बेटे अनिल ने बेताल और उसके परिवार के सदस्यों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। इस मुकदमे में बेताल, उसके बेटे सत्यप्रकाश, राहुल, सत्येंद्र, पत्नी किताबश्री, भतीजे कृष्णा और मित्र थान सिंह को नामजद किया गया है। सभी आरोपी घटना के बाद से फरार हैं और उनके घरों पर ताले लगे हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
गांव में मातम और तनाव का माहौल
इस दोहरे हत्याकांड ने गांव में मातम फैला दिया है। पुलिस ने तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। इस दर्दनाक घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को हिला दिया है, बल्कि पूरे गांव में खौफ और गम का माहौल बना हुआ है।
आगरा के गुड़ा गांव की यह घटना दिखाती है कि जमीन विवाद किस तरह से घातक हो सकते हैं। परिवारों के बीच चल रहे विवाद, जो समय पर सुलझाए नहीं जाते, अक्सर इस तरह की दर्दनाक त्रासदियों में तब्दील हो जाते हैं। पुलिस और प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि इस मामले में जल्दी से जल्दी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय सुनिश्चित करें।

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