गाज़ियाबाद: गाजियाबाद के मोहन नगर स्थित जीएसटी ऑफिस में एक व्यापारी ने अधिकारियों के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारी अक्षय जैन, जो मेरठ के निवासी हैं और लोहे के व्यापार से जुड़े हैं, ने 4 अक्टूबर को जीएसटी ऑफिस में अपने कपड़े उतार दिए और अधिकारियों के सामने धरने पर बैठ गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या हुआ था?
अक्षय जैन ने बताया कि उनकी एक गाड़ी माल लेकर गाजियाबाद के गोदाम पर पहुंची थी। सुबह 6 बजे जीएसटी अधिकारी वहां पहुंचे और गाड़ी के कागजात मांगने के बाद बिना किसी स्पष्ट कारण के गाड़ी अपने कब्जे में ले ली। उन्होंने ड्राइवर को कहा कि अक्षय को दोपहर 2:30 बजे कार्यालय भेज दें।
जब अक्षय अधिकारियों के पास पहुंचे, तो उन्हें रिश्वत की मांग का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने कहा कि गाड़ी के डिलीवरी चालान पर साइज का उल्लेख नहीं था, जबकि ऐसा कोई कानून नहीं है। अधिकारियों ने धारा 129 का हवाला देकर 1 लाख 95 हजार रुपये का टैक्स मांगने का प्रयास किया और आधा भुगतान करने का सुझाव दिया। अक्षय ने रिश्वत देने से स्पष्ट इनकार कर दिया।
आरोप और उत्पीड़न
अक्षय ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने स्वीकार किया कि उनका प्रति माह 85 लाख रुपये का कलेक्शन का टार्गेट है, जो सरकार को जाता है। उन्होंने कहा, “मैं सरकार को पूरा टैक्स देता हूं और इस उत्पीड़न के खिलाफ मैंने अपने कपड़े उतारकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज किया।”
इस घटना के बाद, जॉइंट कमिश्नर के हस्तक्षेप पर, अक्षय को 10,000 रुपये की पेनल्टी चुकाकर गाड़ी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि यह घटना जैन समाज के मूल्यों के खिलाफ है, जिसमें अहिंसा को सर्वोपरि माना जाता है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस मामले पर अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, इस घटना ने जीएसटी अधिकारियों के कार्यों और उनके साथ व्यापारियों के व्यवहार पर चर्चा को जन्म दिया है। व्यापारी संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की है और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अक्षय जैन का यह अनोखा विरोध न केवल उनकी व्यक्तिगत स्थिति का प्रतीक है, बल्कि यह उन सभी व्यापारियों के लिए एक आवाज है जो जीएसटी अधिकारियों के उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना होगा।