हरिद्वार, उत्तराखंड – हरिद्वार जेल में दशहरे के मौके पर आयोजित रामलीला के दौरान दो कैदियों के फरार होने से जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। यह घटना तब हुई जब दोनों कैदी रामलीला में वानर का किरदार निभा रहे थे और जेल की दीवार फांदकर भाग निकले। इस घटना के बाद जेल प्रशासन पर कार्रवाई करते हुए 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है और फरार कैदियों की तलाश के लिए 10 टीमें गठित की गई हैं।
कैसे हुआ कांड?
हरिद्वार जेल में दशहरे के मौके पर रामलीला का आयोजन किया गया था, जिसमें दोनों कैदी वानर की भूमिका में थे। वे उछलकूद करते हुए सभी दर्शकों का मनोरंजन कर रहे थे। इसी बीच, मौका पाकर दोनों कैदी जेल की दीवार फांदकर फरार हो गए। कैदियों ने रामलीला के दौरान जेल के एक कंस्ट्रक्शन साइट पर पड़ी सीढ़ी का इस्तेमाल किया और दीवार लांघकर भागने में सफल रहे।
फरार कैदियों की पहचान
फरार कैदियों में से एक पंकज है, जो 302 के तहत हत्या के मामले में सजा काट रहा है। उसे मंगलौर में हत्या के जुर्म में जेल भेजा गया था। दूसरा कैदी रामकुमार है, जो अपहरण के एक मामले में अंडर ट्रायल चल रहा था। दोनों कैदियों की फरारी के बाद जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
बड़ा एक्शन: 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
घटना के बाद जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जेलर और प्रभारी अधीक्षक समेत 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि, वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य इस समय अवकाश पर हैं, इसलिए उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जेल मुख्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है।
फरारी पर पुलिस की कार्रवाई
हरिद्वार पुलिस ने फरार कैदियों की तलाश के लिए एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में 10 टीमें गठित की हैं। साथ ही, सिडकुल थाना इंचार्ज की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम (SIT) भी बनाई गई है, जिसका सुपरविजन एसपी सिटी करेंगे। पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश सहित संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि कैदियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
आगे की रणनीति
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर इस घटना की समीक्षा की और कैदियों को पकड़ने के लिए रणनीति तैयार की। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और फरार कैदियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का लक्ष्य है।
यह घटना जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, और प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।