प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वाराणसी (काशी) में देशवासियों को 6,611.18 करोड़ रुपये की 23 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इन परियोजनाओं में काशी की 380.13 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और 2,874.17 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1:45 बजे काशी पहुंचेंगे और यहीं से ये सौगात देश को प्रदान करेंगे।
मुख्य परियोजनाएँ
प्रधानमंत्री के दौरे में सिगरा स्टेडियम के दूसरे और तीसरे चरण के निर्माण कार्यों का भी लोकार्पण किया जाएगा। इस स्टेडियम में 27 में से 22 ओलंपिक खेलों की तैयारी, प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की सुविधा होगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री बाबतपुर एयरपोर्ट पर वाराणसी, बागडोगरा, दरभंगा और आगरा एयरपोर्ट के नए सिविल एन्क्लेव का शिलान्यास करेंगे। साथ ही, रीवा, मां महामाया, अंबिकापुर और सरसावा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का लोकार्पण भी किया जाएगा। इन परियोजनाओं से एयरपोर्ट की यात्री आवागमन क्षमता 2.3 करोड़ से अधिक हो जाएगी।
कार्यक्रम और जनसभा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाबतपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद हरिहरपुर स्थित आरजे शंकरा नेत्र चिकित्सालय का उद्घाटन करेंगे और कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती की मौजूदगी में प्रबुद्धजनों से संवाद करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री सिगरा स्टेडियम पहुंचकर 23 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। यहां एक विशाल जनसभा भी होगी, जिसमें 20,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
सुरक्षा व्यवस्था और स्वागत कार्यक्रम
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए कड़ी व्यवस्था की गई है। इस दौरान 24 आईपीएस अफसरों समेत, एनएसजी, एटीएस के कमांडो, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अधिकारी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान, और पुलिस बल तैनात रहेंगे। शनिवार को बाबतपुर एयरपोर्ट से सिगरा स्टेडियम तक प्रधानमंत्री के काफिले का डमी रिहर्सल भी किया गया। पुलिस आयुक्त ने सभी सुरक्षा कर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता के साथ ड्यूटी करने का निर्देश दिया है।
अन्न सेवा योजना का शुभारंभ
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद 20 अक्तूबर को अन्न सेवा योजना का शुभारंभ किया जाएगा। इस योजना के तहत पहले दिन तीन हजार लाभार्थियों को भोजन वितरित किया जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंदों तक भोजन पहुँचाना है।
प्रधानमंत्री के इस दौरे से काशी और देश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ने की उम्मीद है, जो वाराणसी को और भी ऊँचाइयों तक ले जाएगा।