करहल, मैनपुरी: उत्तर प्रदेश की करहल विधानसभा सीट पर इस बार का उपचुनाव दिलचस्प हो गया है। यहां दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के दामाद चुनावी मैदान में हैं, जिससे इस चुनाव में नया मोड़ आ गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के दामाद तेजप्रताप यादव प्रत्याशी हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिवंगत सपा संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के दामाद अनुजेश यादव को मैदान में उतारा है।
करहल सीट का चुनावी इतिहास
करहल विधानसभा सीट पर सपा का वर्चस्व 2002 को छोड़कर हमेशा बरकरार रहा है। 2002 में भाजपा के सोबरन सिंह यादव ने यहां जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में वे सपा में शामिल हो गए और लगातार तीन बार सपा के टिकट पर जीतते रहे। 2022 में अखिलेश यादव ने भी इसी सीट से चुनाव लड़ा और केंद्रीय मंत्री डॉ. एसपी सिंह बघेल को हराकर जीत दर्ज की थी।
दोनों पार्टियों के बीच रिश्तों की जंग
सपा प्रत्याशी तेजप्रताप यादव लालू प्रसाद यादव की छोटी बेटी राजलक्ष्मी के पति हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी अनुजेश यादव मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई अभयराम यादव की बेटी और सांसद धर्मेंद्र यादव की बहन संध्या यादव से विवाहित हैं। अनुजेश और अखिलेश यादव भी आपस में बहनोई हैं।
अखिलेश ने स्वीकारी रिश्तेदारी
अखिलेश यादव ने करहल में सपा की रैली के दौरान रिश्तेदारी को स्वीकार करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, “जब भाजपा हमें हराने में असमर्थ रही तो उन्होंने हमारे ही रिश्तेदार को टिकट दे दिया।” 2019 में भाजपा में शामिल होने के बाद अनुजेश यादव के साले सांसद धर्मेंद्र यादव ने सार्वजनिक तौर पर रिश्ते समाप्त करने की घोषणा की थी, लेकिन इस चुनाव में रिश्तेदारी का मुद्दा फिर सुर्खियों में आ गया है।
परिवार की रिश्तेदारी से अलग, चुनावी मुकाबला
सपा प्रत्याशी तेजप्रताप यादव और भाजपा प्रत्याशी अनुजेश यादव एक ही परिवार से जुड़े होने के बावजूद चुनावी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतरे हैं। दोनों ने कहा कि उनके लिए अब रिश्ते नहीं, पार्टी और सियासी मुद्दे प्राथमिकता रखते हैं। अनुजेश यादव पहले सपा के सदस्य रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी संध्या यादव 2015 में सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
इस बार का करहल उपचुनाव केवल दो प्रत्याशियों के बीच का नहीं, बल्कि दो बड़े राजनीतिक परिवारों की प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। पूरे प्रदेश की नजरें इस रोचक मुकाबले पर टिकी हुई हैं, जो न सिर्फ यूपी बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।