अयोध्या: इस बार के दीपोत्सव में अयोध्या के राम की पैड़ी घाटों पर दीयों से विश्व कीर्तिमान स्थापित करने के लिए शनिवार को स्वयंसेवकों ने पहला कदम बढ़ाया। जय श्रीराम के उद्घोष के साथ स्वयंसेवकों की टीम घाटों पर पहुंची और पहले दिन ही छह लाख दीयों की सजावट पूरी कर ली। दीपोत्सव के लिए अयोध्या के 55 घाटों पर 28 लाख दीये बिछाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे 28 अक्तूबर तक पूरा किया जाएगा।
ऐतिहासिक दीपोत्सव की तैयारी
दीपोत्सव की इस भव्यता को ऐतिहासिक बनाने के लिए कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल के नेतृत्व में कार्य किया जा रहा है, जबकि दीपोत्सव यातायात समिति के संयोजक प्रो. अनूप कुमार ने आयोजन की निगरानी की। शनिवार को सुबह 11 बजे से स्वयंसेवकों ने अभिजीत मुहूर्त में दीये बिछाने का कार्य शुरू किया। घाटों पर जय श्रीराम के नारों के बीच दीपोत्सव स्थल के लिए चार बसों में वालंटियर रवाना हुए, जो घाटों पर दीये सजाते हुए भक्ति और उत्साह से ओतप्रोत नजर आए।
नोडल अधिकारी का बयान और तैयारी
दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि सभी 55 घाटों पर दीयों की आपूर्ति की जा चुकी है और कार्य तय समय तक पूर्ण करने के लिए तेजी से जारी है। 29 अक्तूबर को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम इन दीयों की गिनती करेगी। वहीं, 30 अक्तूबर को दीपोत्सव के मुख्य आयोजन में दीयों में तेल डालने, बाती लगाने और प्रज्वलित करने का कार्य सम्पन्न किया जाएगा। इस महोत्सव में 14 महाविद्यालयों, 37 इंटर कालेजों और 40 स्वयंसेवी संस्थाओं को जोड़ा गया है, जिनके वालंटियर्स दीयों को सजाने में जुटे हैं।
सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी वालंटियर्स को आईकार्ड, टी-शर्ट और कैप वितरित की गई है। बिना इनकी पहचान के घाटों पर प्रवेश वर्जित रहेगा। मीडिया प्रभारी डॉ. विजयेंदु चतुर्वेदी ने बताया कि रविवार से दीये बिछाने के कार्य में और तेजी लाई जाएगी। दीयों की सुरक्षा के लिए प्राइवेट सुरक्षाकर्मी और पुलिस प्रशासन दोनों ही तैनात किए गए हैं।
इस दीपोत्सव से अयोध्या में एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की पूरी उम्मीद है, जहां लाखों दीयों की रोशनी राम की नगरी को और भी अलौकिक बनाएगी।