विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा, और यदि किसी ने ऐसा कदम उठाया तो उसे जवाब मिलेगा। उन्होंने यह टिप्पणी रविवार को महाराष्ट्र में की। जयशंकर ने कहा, “अब यह स्वीकार्य नहीं है कि दिन में कुछ और बातें हों और रात में आतंक में लिप्त रहा जाए। भारत अब इसे बर्दाश्त नहीं करेगा और जहां जरूरी होगा, वहां कार्रवाई की जाएगी।”
जयशंकर ने 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उस हमले के बाद भारत की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई थी, लेकिन भविष्य में ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मुंबई अब आतंकवाद-विरोध का प्रतीक बन चुका है, और भारत ने अपनी नीतियों में स्पष्ट बदलाव किया है।
विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि जब भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य था, तब उसने आतंकवाद-निरोधक समिति की अध्यक्षता की और उसी होटल में बैठक का आयोजन किया, जिस पर हमला हुआ था। उन्होंने कहा, “भारत आज आतंकवाद से लड़ने में सबसे आगे है और हम इसे पूरी मजबूती के साथ उजागर करेंगे।”
एलएसी पर फिर शुरू होगी गश्त
जयशंकर ने यह भी जानकारी दी कि भारत और चीन जल्द ही लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्त फिर से शुरू करेंगे, जिससे अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति बहाल हो सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि डेमचोक और देपसांग जैसे क्षेत्रों में भी पहले की गश्त व्यवस्था लागू होगी, हालांकि इसमें कुछ समय लग सकता है।
महाराष्ट्र में समान विचारधारा वाली सरकार की आवश्यकता
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के संदर्भ में जयशंकर ने कहा कि राज्य में ऐसी सरकार की जरूरत है, जिसकी विचारधारा केंद्र सरकार के साथ मेल खाती हो। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र उद्योग, प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे में अग्रणी है। विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक विकसित महाराष्ट्र का होना आवश्यक है।” जयशंकर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए समर्थन की अपील करते हुए कहा कि राजग सरकार के तीसरे कार्यकाल में अर्थव्यवस्था और रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।