उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के लखनऊ स्थित आवास से करीब तीन लाख रुपये की नकदी की चोरी का मामला सामने आया है। इस चोरी के मामले में हुसैनगंज कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की। पुलिस ने बताया कि इस मामले में राजभर परिवार के पूर्व ड्राइवर रामजीत राजभर को अंबेडकरनगर जिले की टांडा पुलिस ने हिरासत में लिया है।
चोरी का मामला कैसे खुला
हुसैनगंज कोतवाली के एसएचओ राम कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि यह चोरी डायमंड अपार्टमेंट स्थित राजभर के फ्लैट में हुई थी। इस घटना की एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 (आवासीय गृह में चोरी) समेत अन्य धाराओं के तहत दर्ज की गई है। शिकायत के अनुसार, चोरी का आरोप राजभर के बेटे डॉ. अरविंद के पूर्व ड्राइवर रामजीत राजभर और रसोइए गोरख साहनी पर है।
पूरा मामला
चोरी की शिकायत ओम प्रकाश राजभर के वर्तमान ड्राइवर संजय राजभर ने दर्ज कराई है, जो मुंह के कैंसर से पीड़ित हैं और डायमंड अपार्टमेंट में रहकर मेदांता अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं। संजय का कहना है कि चोरी वाले दिन रामजीत उससे मिलने आया था। संजय के अनुसार, उसे अस्पताल जाना था, और उसने चाबी गार्ड के पास रखी थी। अस्पताल जाने के बाद, संजय ने 25,000 रुपये अपने पास रखे और बाकी पैसे (करीब 2.75 लाख रुपये) घर पर ही छोड़ दिए। लेकिन जब वह वापस लौटा, तो बैग से नकदी और उसकी पत्नी के जेवर गायब थे।
पॉलीथिन में भरकर नकदी लेकर गई पुलिस
रामजीत की पत्नी गीता ने मीडिया को बताया कि पुलिस रामजीत को हिरासत में लेकर गई और साथ ही एक बड़ी पॉलीथिन में पैसे भी अपने साथ ले गई। गीता का कहना है कि उनके पति ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरविंद की गाड़ी चलाते थे, लेकिन अब उन्हें चोरी के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
जांच जारी
टांडा कोतवाली के एसएचओ दीपक सिंह रघुवंशी ने बताया कि रामजीत को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच चल रही है। इस बीच, अरविंद राजभर ने एक वीडियो बयान जारी कर बताया कि संजय राजभर उनके पुराने ड्राइवर हैं और कैंसर के इलाज के लिए चंदा इकट्ठा करके तीन लाख रुपये जुटाए गए थे। अरविंद ने कहा कि उन्हें संदेह है कि रामजीत ने रसोइए गोरख साहनी की मदद से चोरी की घटना को अंजाम दिया। मामले की जांच हुसैनगंज कोतवाली पुलिस द्वारा की जा रही है, और चोरी के आरोप में रामजीत के खिलाफ विधिवत कार्रवाई की जा रही है।