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समाज को बांटने की साजिश चल रही है, इसे रोकना जरूरी: पीएम मोदी

श्री स्वामीनारायण मंदिर की 200वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वडताल धाम में आयोजित भव्य समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से भारतीय संस्कृति के शाश्वत प्रवाह का प्रमाण मिलता है। भगवान श्री स्वामीनारायण द्वारा स्थापित वडताल धाम की आध्यात्मिक चेतना आज भी जीवित है।
मोदी ने समाज में बढ़ती विभाजनकारी साजिशों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “जाति, धर्म, भाषा, ऊंच-नीच के आधार पर समाज को बांटने की साजिश चल रही है, जिसे मिलकर रोकना आवश्यक है।” उन्होंने युवाओं को सशक्त बनाने और एकता के महत्व पर जोर दिया, ताकि वे “विकसित भारत” के निर्माण में योगदान दे सकें।

प्रयागराज कुंभ की तैयारी

प्रधानमंत्री ने प्रयागराज में आगामी कुंभ मेले का जिक्र करते हुए कहा कि 13 जनवरी से शुरू होकर 45 दिनों तक चलने वाले इस महाकुंभ में 40-50 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है। उन्होंने देशवासियों से कुंभ मेले की सांस्कृतिक महत्ता को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने का आह्वान किया।

‘युवाओं को नशे से दूर रखना जरूरी’

पीएम मोदी ने स्वामीनारायण समुदाय के नशा मुक्ति प्रयासों की सराहना की और कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के अभियान महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने समाज के संतों और महात्माओं को इस दिशा में योगदान देने की अपील की।

अयोध्या, काशी, और केदार के पुनर्निर्माण का उल्लेख

मोदी ने अयोध्या में 500 साल बाद हुए मंदिर निर्माण और काशी-केदार के पुनर्निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि आज देश में एक नई चेतना का संचार हो रहा है। साथ ही, विदेशों से चुराई गई पुरानी मूर्तियों को पुनः भारत लौटाया जा रहा है।

‘विकसित भारत’ के लिए सशक्त युवा

प्रधानमंत्री ने कहा कि “विकसित भारत” का लक्ष्य पूरे देश को जोड़ रहा है। उन्होंने स्वामीनारायण परिवार से अपील की कि वे इस अभियान को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि जैसे आजादी के आंदोलन में समाज के हर कोने में एक चिंगारी थी, उसी प्रकार “विकसित भारत” का सपना 140 करोड़ भारतीयों के दिलों में बसना चाहिए।

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