हमले के पीछे की वजह
पूछताछ में आरोपी अजय ने बताया कि 2022 में उसकी महिला मित्र ने उस पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था, जिससे वह जेल गया था। इस घटना के बाद से वह महिलाओं से नफरत करने लगा। जेल से छूटने के बाद उसने पहली बार 30 जुलाई को सहसड़ाव गांव में एक महिला पर हमला किया। इसके बाद से वह महिलाओं को मारने और खून देखने का आदी हो गया।
आरोपी की वारदात करने की शैली
पुलिस के मुताबिक, आरोपी काली शर्ट पहनकर और नंगे पैर वारदात को अंजाम देता था। वह शनिदेव का भक्त है और हमेशा काले वस्त्र पहनता है। भागते समय आराम के लिए वह जूते नहीं पहनता था। सीसीटीवी फुटेज में उसे नंगे पैर घटनास्थल के आसपास घूमते हुए देखा गया था। वह वारदात के बाद सूरत चला जाता था, जहां वह पेंट पॉलिश का काम करता था।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपी की पहचान सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स) और सीसीटीवी फुटेज की मदद से की। सीडीआर में यह सामने आया कि घटनाओं के बाद आरोपी देहरादून में अपनी महिला मित्र को कॉल करता था और घंटों बातें करता था। अजय के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी बड़ी संख्या में फॉलोअर्स मिले।
पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम की सराहनीय जांच के लिए एडीजी ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया।
घटनाओं की सूची
- 29 जुलाई: सहसड़ाव गांव में पहली वारदात, एक महिला पर हमला।
- 11 अगस्त: झंगहा के उपधौली गांव में महिला की हत्या।
- 25 अगस्त: एक और महिला के सिर और चेहरे पर हमला।
- 09 नवंबर: महिला के सिर पर डंडे से वार।
- 13 नवंबर: मंगलपुर टोला में महिला पर हमला।
परिवार और विशेषज्ञों की राय
आरोपी के पिता ने उसे निर्दोष बताते हुए कहा कि पुलिस ने उसे गलत तरीके से फंसाया है। वहीं, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला “जनरलाइजेशन ऑफ ट्रॉमा” का हो सकता है, जिसमें अतीत के अनुभवों से व्यक्ति विशेष समूह के प्रति घृणा विकसित कर लेता है।
डॉ. तापस कुमार आईच ने कहा कि अजय के मानसिक स्वास्थ्य की जांच के लिए साइको-डायग्नोस्टिक ट्रीटमेंट की जरूरत है।
पीड़ितों को मिली राहत
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पीड़ितों और उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है। मृतक महिला के पति सेवा प्रसाद ने कहा कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो