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दिल्ली: कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व नेता सुमेश शौकीन आम आदमी पार्टी में शामिल

दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के पूर्व नेता और मटियाला से पूर्व विधायक सुमेश शौकीन सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।

केजरीवाल की प्रतिक्रिया: कैलाश गहलोत के BJP में जाने पर दी सफाई

इस दौरान अरविंद केजरीवाल से आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश गहलोत के भाजपा में शामिल होने पर सवाल किया गया। उन्होंने कहा, “यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। वे जहां चाहें जा सकते हैं।” कैलाश गहलोत ने बीते रविवार को AAP से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थामा था।

पूर्वांचल नेता अनिल झा भी आप में शामिल

रविवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और किराड़ी से दो बार विधायक रह चुके अनिल झा ने भी आम आदमी पार्टी जॉइन की थी। केजरीवाल ने पार्टी मुख्यालय में उन्हें सदस्यता ग्रहण कराई और कहा, “अनिल झा ने पूर्वांचल के लोगों के लिए बहुत काम किया है। उनके जुड़ने से पार्टी को दिल्ली के हर इलाके में मजबूती मिलेगी।”
केजरीवाल ने दिल्ली सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने दिल्ली की 1750 में से 1650 कच्ची कॉलोनियों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई है। कुछ कॉलोनियों में वन विभाग और एएसआई की बाधाओं के कारण काम नहीं हो सका।

सुमेश शौकीन का राजनीतिक सफर

सुमेश शौकीन 2008 में मटियाला से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। इसके बाद उन्होंने 2013, 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में मटियाला से कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन लगातार तीन बार हार का सामना करना पड़ा।
AAP में शामिल होने के बाद शौकीन ने कहा, “केजरीवाल सरकार ने ग्रामीण इलाकों और किसानों के लिए जो काम किए हैं, वे अद्वितीय हैं। कांग्रेस ने कभी दिल्ली के देहात और किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया।”

अनिल झा का बयान

AAP में शामिल होकर अनिल झा ने दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की सराहना की। उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी ने मोहल्ला क्लीनिक, अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए दिल्ली की काया पलट दी है।”

दिल्ली चुनाव से पहले AAP को मजबूती

सुमेश शौकीन और अनिल झा जैसे नेताओं का आम आदमी पार्टी में शामिल होना आगामी विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन नेताओं के अनुभव और क्षेत्रीय पकड़ से पार्टी को ग्रामीण और पूर्वांचल इलाकों में मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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