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जम्मू-कश्मीर में पहली बार मनाया गया संविधान दिवस, सुप्रीम कोर्ट में बोले पीएम मोदी

संविधान दिवस के अवसर पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रीम कोर्ट में देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने संविधान सभा के सभी सदस्यों को नमन करते हुए कहा कि भारत के संविधान ने पिछले 75 वर्षों में देश को हर चुनौती से उबरने का मार्ग दिखाया है।

मुंबई हमले की बरसी का जिक्र

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 26/11 मुंबई हमले की बरसी का उल्लेख करते हुए कहा, “आज का दिन हमें उन निर्दोष नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की याद दिलाता है, जिन्होंने उस हमले में अपनी जान गंवाई। लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देने वाले हर आतंकी संगठन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।”

जम्मू-कश्मीर में पहली बार मनाया गया संविधान दिवस

पीएम मोदी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में पहली बार संविधान दिवस मनाया गया, जो देश में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के मजबूत होने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में सरकार ने आर्थिक और सामाजिक समानता लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। बीते 10 वर्षों में 4 करोड़ लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं।

संविधान: हर समस्या का समाधान

पीएम ने कहा, “संविधान ने हमेशा हमारी समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया है। इसका मूल पाठ श्री राम और माता सीता के चित्रों से सुसज्जित है, जो हमारी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है।” उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि यह महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

तकनीकी और सेवाओं में सुधार का उल्लेख

पीएम मोदी ने बताया कि सीनियर सिटीजन को पेंशन के लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं है; अब यह सुविधा घर बैठे उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि देश के गरीबों को 5 लाख तक का मुफ्त बीमा भी प्रदान किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री का चुटकी भरा अंदाज

अपने संबोधन में पीएम ने चुटकी लेते हुए कहा, “संविधान ने मुझे जो काम दिया है, मैंने वही किया है। मैंने अधिकार की सीमा में रहते हुए अपने दायित्व का निर्वहन किया है।”

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