बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सरकार द्वारा मशीनरी के दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आज भी पाक-साफ और निष्पक्ष चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। यह टिप्पणी उन्होंने शनिवार को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पार्टी पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ एक समीक्षा बैठक में की।
पार्टी की रणनीति पर चर्चा
मायावती ने बैठक में पार्टी की वर्तमान स्थिति, संगठनात्मक ढांचे और आगामी चुनावों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार के प्रभाव से मुक्त, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना लोकतंत्र की असली ताकत है, लेकिन यह अब भी एक मुश्किल काम बना हुआ है।
कार्यकर्ताओं को दिए निर्देश
मायावती ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में जनता के बीच जाएं और बसपा की नीतियों और योजनाओं को व्यापक रूप से पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की विफलताओं को उजागर करना और जनता का भरोसा जीतना पार्टी की प्राथमिकता होनी चाहिए।
लोकतंत्र और निष्पक्षता पर सवाल
बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकारें प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर रही हैं, जिससे निष्पक्ष चुनाव प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखना लोकतंत्र की मूलभूत आवश्यकता है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पर फोकस
बैठक में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पार्टी की स्थिति पर मंथन किया गया। मायावती ने दोनों राज्यों में बसपा को फिर से मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने की अपील की।
जनता से जुड़े मुद्दे उठाने की अपील
मायावती ने नेताओं से कहा कि वे गरीबों, पिछड़ों, दलितों और वंचित वर्गों के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बसपा का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को न्याय दिलाना है।
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